Edited By Tanuja,Updated: 07 Mar, 2026 05:39 PM

Donald Trump ने दावा किया कि Iran ने अमेरिका और Israel के हमलों के दबाव में पड़ोसी देशों से माफी मांगी है। उन्होंने ईरान को “मिडिल ईस्ट का लूज़र” बताया और कहा कि अगर तेहरान नहीं झुका तो उस पर और भी कड़े हमले किए जा सकते हैं।
International Desk: डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump) ने दावा किया कि Iran ने अमेरिका और Israel के हमलों के दबाव में पड़ोसी देशों से माफी मांगी है। उन्होंने ईरान को “मिडिल ईस्ट का लूज़र” बताया और कहा कि अगर तेहरान नहीं झुका तो उस पर और भी कड़े हमले किए जा सकते हैं । ट्रंप ने कहा कि “ईरान अब मिडिल ईस्ट का लूज़र” है। ट्रंप ने कहा कि लगातार अमेरिकी और इज़राइली हमलों के कारण ईरान को अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगनी पड़ी और यह वादा करना पड़ा कि वह अब उन पर मिसाइल या ड्रोन हमले नहीं करेगा। ट्रंप का दावा है कि ईरान ने हार मान ली है और ईरान “भीषण सैन्य दबाव” में है और अब उसे पीछे हटना पड़ा है।
- ट्रंप के अनुसार ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी
- यह वादा किया कि अब उन पर हमला नहीं करेगा
- यह फैसला अमेरिका और Israel के लगातार सैन्य हमलों के कारण हुआ
- ट्रंप ने दावा किया कि मिडिल ईस्ट के कई देशों ने उन्हें धन्यवाद भी दिया।
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“मिडिल ईस्ट का बुली अब लूज़र”
ट्रंप ने अपने बयान में ईरान पर बेहद कठोर टिप्पणी करते हुए कहा कि “ईरान अब मिडिल ईस्ट का बुली नहीं रहा। अब वह मिडिल ईस्ट का लूज़र बन गया है।”उन्होंने कहा कि यह स्थिति आने वाले कई दशकों तक बनी रह सकती है, जब तक ईरान या तो आत्मसमर्पण नहीं कर देता या पूरी तरह ढह नहीं जाता।ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान पर और अधिक कड़े हमले किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के “खराब व्यवहार” के कारण अब ऐसे लक्ष्य भी विचाराधीन हैं जिन्हें पहले निशाना बनाने पर विचार नहीं किया गया था। इस बयान से संकेत मिलता है कि युद्ध आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।