वाहन क्षेत्र के लिए PLI योजना के तहत 75 कंपनियों को ‘प्रोत्साहन’ की मंजूरी

Edited By jyoti choudhary,Updated: 15 Mar, 2022 06:14 PM

75 companies approved for  incentive  under the pli scheme

वाहन और वाहन कलपुर्जा विनिर्माण क्षेत्रों के लिए शुरू की गई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प और टोयोटा किर्लोस्कर ऑटो पार्ट्स सहित 75 कंपनियों को प्रोत्साहन दिए जाने की मंजूरी दी गई है। सरकार की तरफ से...

नई दिल्लीः वाहन और वाहन कलपुर्जा विनिर्माण क्षेत्रों के लिए शुरू की गई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प और टोयोटा किर्लोस्कर ऑटो पार्ट्स सहित 75 कंपनियों को प्रोत्साहन दिए जाने की मंजूरी दी गई है। सरकार की तरफ से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि उपकरण चैंपियन प्रोत्साहन योजना के तहत 75 अनुमोदित आवेदकों की तरफ से 29,834 करोड़ रुपए का निवेश किए जाने का अनुमान है।

भारी उद्योग मंत्रालय ने इसके पहले 20 आवेदकों को चैंपियन ओईएम प्रोत्साहन योजना के तहत चुना था। ये दोनों वाहन उपकरण प्रोत्साहन योजनाएं पीएलआई पहल का ही हिस्सा हैं। पीएलआई योजना के तहत वाहन कलपुर्जा उद्योग को उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी (एएटी) उत्पादों की स्वदेशी आपूर्ति शृंखला में नए निवेश करने पर 18 प्रतिशत राशि का प्रोत्साहन दिया जाता है।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, वाहन एवं वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए शुरू की गई पीएलआई योजना 74,850 करोड़ रुपए का प्रस्तावित निवेश आकर्षित करने में सफल रही है जबकि इसके लिए पांच वर्षों में 42,500 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया था। सरकार को चैंपियन ओईएम प्रोत्साहन योजना के तहत 45,016 करोड़ रुपए और कलपुर्जा चैंपियन प्रोत्साहन योजना के तहत 29,834 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आवेदकों से प्राप्त हुए हैं। 

पीएलआई योजना के तहत चुनी गई कंपनियों में दो गैर वाहन निवेशक (कलपुर्जा) कंपनियां भी शामिल हैं। ये कंपनियां भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) और सिएट लिमिटेड हैं। इस प्रोत्साहन योजना के लिए स्वीकृत कंपनियों में भारत के अलावा जापान, जर्मनी, अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, आयरलैंड, फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड और इटली की भी कंपनियां शामिल हैं।

भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा, “इस योजना को मिले जबर्दस्त समर्थन से पता चलता है कि उद्योग जगत ने एक विश्वस्तरीय विनिर्माण स्थल के रूप में भारत की असाधारण प्रगति में अपना भरोसा जताया है। यह आत्मनिर्भर भारत बनाने के प्रधानमंत्री के आह्वान से मेल खाता है।” वाहन क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना मौजूदा वाहन कंपनियों के अलावा नए निवेशकों के लिए भी खुली थी। चैंपियन ओईएम योजना बैटरी चालित वाहनों एवं हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले वाहनों के लिए समर्पित है। वहीं उपकरण चैंपियन योजना उन्नत ऑटोमोटिव उपकरणों के लिए है।

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