Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Aug, 2026 06:24 PM

सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का कोयला उत्पादन जुलाई में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5.036 करोड़ टन हो गया। सीआईएल की देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। बारिश से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने उत्पादन में...
नई दिल्लीः सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का कोयला उत्पादन जुलाई में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5.036 करोड़ टन हो गया। सीआईएल की देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। बारिश से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने उत्पादन में अच्छी वृद्धि दर्ज की। मांग के अनुरूप भंडार प्रबंधन रणनीति के चलते कोयले की आपूर्ति भी मजबूत बनी रही और उत्पादन तथा आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखा गया।
कंपनी ने बयान में कहा, ''कोल इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 के जुलाई में शानदार परिचालन प्रदर्शन किया और कोयला उत्पादन में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।'' कोयले की आपूर्ति जुलाई में 18.38 प्रतिशत बढ़कर 6.419 करोड़ टन रही। बयान में कहा गया, ''वित्त वर्ष 2026-27 के जुलाई महीने में की गई कोयले की आपूर्ति, किसी भी वित्त वर्ष के इसी महीने में कोयले की अब तक की सबसे ज्यादा खपत है। इससे पहले जुलाई में सबसे ज़्यादा आपूर्ति वित्त वर्ष 2024-25 में 6.05 करोड़ टन हुई थी।''
कोल इंडिया ने जून 2026 में 6.595 करोड़ टन कोयले की आपूर्ति की थी, जो जून महीने की अब तक की सबसे अधिक आपूर्ति थी। कंपनी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में कुल कोयला आपूर्ति 6.9 प्रतिशत बढ़कर 26.204 करोड़ टन हो गई, जो इस अवधि का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। इससे पहले अप्रैल-जुलाई 2024-25 में 25.94 करोड़ टन आपूर्ति का रिकॉर्ड था। बिजली क्षेत्र को कंपनी की कोयला आपूर्ति जुलाई में 18 प्रतिशत बढ़कर 4.977 करोड़ टन रही, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 4.235 करोड़ टन थी। बिजली क्षेत्र, कोल इंडिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता वर्ग है।