Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Jul, 2026 04:48 PM

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के नए नियमों की वजह से देश में 11 करोड़ टीवी बंद हो जाएंगे और केबल व डीटीएच सेवाएं 4 से 6 गुना महंगी हो जाएंगी। हालांकि, सरकार ने इस दावे को पूरी...
बिजनेस डेस्कः सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के नए नियमों की वजह से देश में 11 करोड़ टीवी बंद हो जाएंगे और केबल व डीटीएच सेवाएं 4 से 6 गुना महंगी हो जाएंगी। हालांकि, सरकार ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक बताया है।
क्या किया जा रहा है दावा?
वायरल पोस्ट में कहा गया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) के नए मसौदा नियमों के चलते टीवी ब्रॉडकास्टिंग और टेलीकॉम कंपनियों पर समान नियम लागू होंगे। इसके कारण लाइसेंस फीस बढ़ेगी, टीवी सेवाएं महंगी हो जाएंगी, केबल और डीटीएच बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे और लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।

सरकार ने क्या कहा?
सरकार की फैक्ट-चेक इकाई PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। PIB के अनुसार, केंद्र सरकार ने ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया है जिससे टीवी सब्सक्रिप्शन की कीमत 4 से 6 गुना बढ़ जाए या देश में टीवी सेवाएं बंद हो जाएं।
ड्राफ्ट नियमों में क्या है?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 'टेलीकम्युनिकेशंस (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026' का मसौदा (Draft Rules) जारी किया है। इस पर 27 जुलाई, 2026 तक आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जा रही हैं।
मंत्रालय के अनुसार, मसौदा नियमों का उद्देश्य टीवी और रेडियो प्रसारण से जुड़े अलग-अलग दिशानिर्देशों को एकीकृत करना और नियामकीय प्रक्रिया को सरल बनाना है। इनमें टीवी या डीटीएच सेवाओं की फीस बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है।