इस वित्त वर्ष में चालू खाते का घाटा 2.8% रहने का अनुमान: रिपोर्ट

Edited By jyoti choudhary,Updated: 19 Aug, 2018 06:17 PM

current account deficit is estimated at 2 8 in this financial year

देश का चालू खाते का घाटा (कैड) चालू वित्त वर्ष में बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। नोमूरा की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।

नई दिल्लीः देश का चालू खाते का घाटा (कैड) चालू वित्त वर्ष में बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। नोमूरा की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। जापान की वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल के बढ़ते दाम, रुपए में गिरावट और पोर्टफोलियो निवेश की निकासी ऐसी वजहें हैं कि जिनसे कैड बढ़ सकता है। 

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘2018-19 में कैड 2.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 1.9 प्रतिशत रहा था।’’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘चालू वित्त वर्ष में भुगतान संतुलन (बीओपी) का वित्तपोषण चुनौती रहेगा। बीओपी (चालू खाता जमा शुद्ध एफडीआई) का आधार नकारात्मक है और पोर्टफोलियो प्रवाह भी नकारात्मक है।’’ 

विदेशी मुद्रा के अंत: और ब्राह्य प्रवाह के बीच का अंतर कैड कहलाता है। वित्त वर्ष 2017-18 में कैड 48.7 अरब डॉलर या जीडीपी का 1.9 प्रतिशत रहा। यह 2016-17 के 14.4 अरब डॉलर या 0.6 प्रतिशत कहीं अधिक है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत का व्यापार घाटा जुलाई में 18 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो 5 साल का सबसे उच्चस्तर है। निर्यात और आयात का अंतर व्यापार घाटा कहलाता है।

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