Edited By jyoti choudhary,Updated: 10 Sep, 2026 05:42 PM

नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार और विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) स्पाइसजेट की वित्तीय स्थिति और परिचालन पर करीबी नजर रख रहे हैं। स्पाइसजेट के परिचालन में मौजूद विमानों की
नई दिल्लीः नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार और विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) स्पाइसजेट की वित्तीय स्थिति और परिचालन पर करीबी नजर रख रहे हैं। स्पाइसजेट के परिचालन में मौजूद विमानों की संख्या के साथ-साथ घरेलू बाजार हिस्सेदारी में भी कमी आई है और कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में एयरलाइन की घरेलू बाजार में हिस्सेदारी घटकर 1.6 प्रतिशत रह गई, जो जून में 1.9 प्रतिशत थी। नायडू ने कहा, ''नागर विमानन मंत्रालय और डीजीसीए स्पाइसजेट की वित्तीय स्थिति और परिचालन पर करीबी नजर रख रहे हैं।'' सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन गंभीर वित्तीय समस्याओं का सामना कर रही है और कर्मचारियों के वेतन के भुगतान में देरी हुई है। कई कर्मचारियों को मई से वेतन नहीं मिला है। विमान बेड़े पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'प्लेनस्पॉटर्स डॉट नेट' पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयरलाइन के पास 11 विमानों का बेड़ा है। इस साल फरवरी से स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी लगातार घट रही है। उस समय उसकी बाजार हिस्सेदारी 3.9 प्रतिशत थी।
स्पाइसजेट का शेयर बृहस्पतिवार को 5.32 प्रतिशत गिरकर 8.89 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुआ। इससे पहले, तीन सितंबर को स्पाइसजेट ने कहा था कि उसने 20 विमानों को बेड़े में शामिल करने के लिए तीन विमान संचालकों के साथ पट्टा समझौतों को अंतिम रूप दिया है। इनमें 15 बोइंग और पांच एयरबस विमान शामिल हैं, जिन्हें सर्दी के मौसम के उड़ान कार्यक्रम के दौरान परिचालन बढ़ाने के लिए पट्टे पर लिया जाएगा। एयरलाइन ने कहा था कि ये विमान अक्टूबर के मध्य से नवंबर के मध्य के बीच चरणबद्ध तरीके से बेड़े में शामिल किए जाएंगे।