Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Oct, 2026 05:57 PM

कृत्रिम मेधा (एआई) से मिलने वाले उत्पादकता और नवाचार के लाभ को छोड़ना दुनिया के लिए संभव नहीं है, लिहाजा प्रौद्योगिकी तथा कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है। दूरसंचार प्रौद्योगिकी कंपनी एरिक्सन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को
नई दिल्लीः कृत्रिम मेधा (एआई) से मिलने वाले उत्पादकता और नवाचार के लाभ को छोड़ना दुनिया के लिए संभव नहीं है, लिहाजा प्रौद्योगिकी तथा कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है। दूरसंचार प्रौद्योगिकी कंपनी एरिक्सन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह बात कही। एरिक्सन के दक्षिण-पूर्व एशिया, ओशिनिया एवं भारत क्षेत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एंड्रेस विसेंट ने कहा कि कंपनी 'ट्रस्टेड टेक अलायंस' के तहत क्लाउड सेवा प्रदाताओं, सॉफ्टवेयर डेवलपर और नेटवर्क विनिर्माताओं के साथ मिलकर एआई के दौर में सुरक्षा को लेकर साझा समझ विकसित करने पर काम कर रही है।
उन्होंने 'इंडिया मोबाइल कांग्रेस' (आईएमसी) के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी का परिदृश्य कई परतों वाले एक ऐसे ढांचे की तरह है, जो एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करती हैं। क्लाउड प्लेटफॉर्म, एआई मॉडल, नेटवर्क, उपकरण और उन पर चलने वाले एप्लिकेशन आज एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, "एआई इन संपर्कों को अधिक तेज और बुद्धिमान बनाएगा। इससे विभिन्न प्रौद्योगिकी प्रणालियों के बीच एकीकरण और गहरा होगा और सुरक्षा सभी पक्षों की साझा चिंता बन जाएगी।"
विसेंट ने कहा कि एआई के मौजूदा दौर में दुनिया इतनी बड़ी उत्पादकता और नवाचार के अवसरों को नहीं छोड़ सकती है। ऐसे में प्रौद्योगिकी के बीच बेहतर तालमेल और पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न पक्षों के साथ मिलकर काम करने को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एरिक्सन नेटवर्क में अधिकतम स्तर की सुरक्षा लागू करने का प्रयास करती है, क्योंकि नेटवर्क अन्य रणनीतिक उद्योगों को जोड़ने वाले आधार के रूप में काम करते हैं।