सेबी ने जिंस वायदा कारोबार में सौदों की सीमा बदली, नियम उल्लंघन पर जुर्माने की अधिकतम सीमा तय

Edited By Updated: 10 Sep, 2026 12:38 PM

sebi revises position limits for commodity futures trading

बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को कृषि जिंस वायदा कारोबार में ग्राहकों के लिए सौदों की अधिकतम सीमा में बदलाव किया और नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की अधिकतम सीमा तय की। इसका उद्देश्य कारोबार करने को सुगम बनाना है। भारतीय प्रतिभूति एवं

नई दिल्लीः बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को कृषि जिंस वायदा कारोबार में ग्राहकों के लिए सौदों की अधिकतम सीमा में बदलाव किया और नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की अधिकतम सीमा तय की। इसका उद्देश्य कारोबार करने को सुगम बनाना है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि नये नियमों के तहत ग्राहक स्तर पर निर्धारित सौदों की अधिकतम सीमा के उल्लंघन पर जुर्माना अतिरिक्त सीमा और उल्लंघन जारी रहने के दिनों की संख्या के आधार पर तय किया जाएगा। 

सेबी को कृषि जिंस वायदा कारोबार में लागू सौदों की अधिकतम सीमा के नियमों की समीक्षा के लिए कई सुझाव मिले थे। सौदों को लेकर मौजूदा सीमाएं 2017 में उस समय की बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय की गई थीं। परिपत्र के अनुसार, निर्धारित सीमा से दो प्रतिशत से अधिक के उल्लंघन पर जुर्माना सौदे की अतिरिक्त सीमा के बंद भाव, उल्लंघन के दिनों की संख्या और दो प्रतिशत से गुणा करके निकाली गई राशि या दो लाख रुपए, जो भी कम हो, के बराबर होगा। वहीं, दो प्रतिशत तक के उल्लंघन पर इसी तरह जुर्माना निकाला जाएगा, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 10,000 रुपए होगी। 

सेबी ने कहा कि सदस्यों को अगले कारोबारी दिन तक सौदे की अतिरिक्त सीमा को निर्धारित सीमा के भीतर लाना होगा। यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो शेयर बाजार बिना किसी अतिरिक्त सूचना के सौदे की अतिरिक्त सीमा को समाप्त कर सकता है। नियामक ने 'व्यापक जिंस' की परिभाषा में भी बदलाव किया है। अब किसी कृषि जिंस को 'व्यापक जिंस' तभी माना जाएगा, जब वह संवेदनशील जिंस की श्रेणी में न हो और पिछले पांच वर्षों में उसकी औसत डिलिवरी योग्य आपूर्ति मात्रा कम से कम 10 लाख टन या मूल्य के हिसाब से 5,000 करोड़ रुपए रही हो। संशोधित व्यवस्था के तहत ग्राहकों के स्तर पर सौदों की अधिकतम सीमा व्यापक जिंसों के लिए डिलिवरी योग्य आपूर्ति मात्रा का दो प्रतिशत, सीमित जिंसों के लिए एक प्रतिशत और संवेदनशील जिंसों के लिए 0.5 प्रतिशत होगी। सेबी ने कहा कि संशोधित नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

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