5th day of Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि के 5वें दिन मां स्कंदमाता बरसाएंगी संतान सुख की अटूट कृपा, जानें पूजा विधि

Edited By Updated: 15 Oct, 2026 06:51 AM

5th day of shardiya navratri 2026

Shardiya Navratri 2026 Day 5: शारदीय नवरात्रि के 5वें दिन करें मां स्कंदमाता की आराधना! जानें संतान सुख और रोगमुक्ति के लिए पूजा विधि, प्रिय रंग, केले का भोग और सिद्ध ध्यान मंत्र।

Shardiya Navratri 2026 Day 5: नवरात्र का त्योहार मां दुर्गा को समर्पित है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र का पांचवा दिन मां स्कंदमाता का समर्पित होता है। पंचांग के अनुसार,  मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। स्कंद का अर्थ है ज्ञान को आचरण में लाकर कार्य करना। स्कंदमाता ऊर्जा का वह रूप है जिनकी पूजा करने से ज्ञान और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में कहा गया है कि यह इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति और कर्म शक्ति का मिश्रण है। जब शिव तत्व का त्रिशक्ति के साथ मिलन होता है, तो स्कंद "कार्तिकेय" का जन्म होता है।

PunjabKesari 5th day of Shardiya Navratri 2026
स्कंदमाता का दिव्य स्वरूप
स्कंदमाता के विग्रह में भगवान स्कंद जी बालरूप में इनकी गोद में बैठे हुए हैं। शास्त्रानुसार सिंह पर सवार स्कंदमातृस्वरूपणी देवी की चार भुजाएं हैं, जिसमें देवी अपनी ऊपर वाली दांयी भुजा में बाल कार्तिकेय को गोद में उठाए हुए हैं और नीचे वाली दांयी भुजा में कमल पुष्प लिए हुए हैं। ऊपर वाली बाईं भुजा से इन्होंने जगत तारण वरद मुद्रा बना रखी है व नीचे वाली बाईं भुजा में कमल पुष्प है। इनका वर्णन पूर्णतः शुभ्र है और ये कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें पद्मासन देवी भी कहा जाता है।

पंचमी तिथि का आध्यात्मिक महत्व
नवरात्र पूजन के पांचवे दिन का शास्त्रों में पुष्कल महत्व बताया गया है। इस दिन साधक की समस्त बाहरी क्रियाओं एवं चित्तवृत्तियों का लोप हो जाता है एवं वह विशुद्ध चैतन्य स्वरूप की ओर अग्रसर होता है। उसका मन समस्त लौकिक, सांसारिक, मायिक बंधनों से विमुक्त होकर पद्मासना मां स्कंदमाता के स्वरूप में पूर्णतः तल्लीन होता है।

संतान सुख और रोगमुक्ति का महत्व
संतान सुख एवं रोगमुक्ति के लिए स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि सच्चे भाव से की गई उपासना से संतान से जुड़े कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

PunjabKesari 5th day of Shardiya Navratri 2026
मां स्कंदमाता का प्रिय भोग
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाया जाता है। इस दिन केले की खीर, केले से बनी मिठाई या केले का हलवा भी मां को भोग के रूप में अर्पित करने से मां के प्रसन्न होने की मान्यता है। इसके अलावा मां को फल, मिठाई, मिश्री व खीर का भोग लगाया जा सकता है।

PunjabKesari 5th day of Shardiya Navratri 2026
मां स्कंदमाता का प्रिय रंग
नवरात्रि के पांचवें दिन का शुभ रंग पीला व सफेद माना गया है। कहते हैं कि मां स्कंदमाता के पूजन में श्वेत या पीले रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ होता है।

PunjabKesari 5th day of Shardiya Navratri 2026
मां स्कंदमाता प्रिय पुष्प
मां स्कंदमाता को कमल का पुष्प अतिप्रिय है। कमल के पुष्प पर विराजमान होने के कारण मां को पद्मासन भी कहा जाता है। इसके अलावा मां स्कंदमाता को गुलाब व गुड़हल के लाल पुष्प भी अर्पित किए जा सकते हैं।

PunjabKesari 5th day of Shardiya Navratri 2026
मां स्‍कंदमाता का ध्यान मंत्र
सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।
या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

PunjabKesari 5th day of Shardiya Navratri 2026

स्कंदमाता की पूजा विधि
रोजाना की तरह सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें और पूजा स्थल को गंगा जल से शुद्ध कर लें।
इसके बाद लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछा लें और स्कंदमाता की मूर्ति या फिर तस्वीर को स्थापित करें।
फिर स्कंदमाता को पीले फूल से श्रृंगार का सामान अर्पित करें। साथ ही पीले रंग के वस्त्र भी पहनाएं।
इसके बाद स्कंदमाता का ध्यान करते हुए उनके मंत्र का 108 बार जप करें और उन्हें पान का पत्ता, इलायची, लौंग आदि चीजें अर्पित करें। फिर दुर्गासप्तशती का पाठ करें। इन सबके बाद स्कंदमाता की आरती करके सभी को प्रसाद वितरीत कर दें। अंत में मां के सामने शिश झुका कर आपकी जो भी मनोकामना हो उसे बोलें।

यूपी रत्न विभूषित, ज्योतिषाचार्य
महंत पं. सुधांशु तिवारी
मुख्य प्रवक्ता व टीवी पैनलिस्ट
संपर्क सूत्र - 9005804317, 7054594317

PunjabKesari 5th day of Shardiya Navratri 2026

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!