Edited By Sarita Thapa,Updated: 12 Sep, 2026 08:45 AM

पाकिस्तान से भारत आने के लिए तैयार बैठे 104 सिख श्रद्धालुओं को उस वक्त झटका लगा, जब उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया।
लाहौर/पठानकोट (एजैंसी,शारदा): पाकिस्तान से भारत आने के लिए तैयार बैठे 104 सिख श्रद्धालुओं को उस वक्त झटका लगा, जब उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। श्री हेमकुंट साहिब के दर्शन के लिए इन श्रद्धालुओं को भारत की तरफ से वीजा जारी कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी ऐन मौके पर इन्हें फैसलाबाद एयरपोर्ट से शारजाह की फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया। भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सीधी फ्लाइट नहीं चलती है। ‘ऑप्रेशन सिंदूर’ के बाद से अटारी-वाघा बॉर्डर का जमीनी रास्ता भी बंद है। ऐसे में दोनों देशों से यात्रियों को किसी तीसरे देश से होकर आना पड़ता है।
पाकिस्तान के इमीग्रेशन अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से एयरोपोर्ट पर ‘नो ऑब्जैक्शन सर्टिफिकेट (एन.ओ.सी.) की मांग की। इस पर श्रद्धालुओं की तरफ से तर्क दिया गया कि उनमें से कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं रहा, न किसी तरह से सरकार का हिस्सा है। उनके पास पासपोर्ट हैं और कानूनी वीजा है। ऐसे में एन.ओ.सी. की जरूरत ही नहीं है। हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें फैसलाबाद एयरपोर्ट पर रोककर रखा और उनकी फ्लाइट को निकाल दिया।
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