Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 Sep, 2026 07:39 AM

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि 2026 में मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं और घोड़े पर विदा होंगी। जानिए, ज्योतिषीय दृष्टि से यह वाहन देश और दुनिया के लिए क्या संकेत देता है।
Shardiya Navratri 2026: इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर 2026 से आरंभ होने जा रहा है, जिसका समापन 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी (दशहरा) के साथ होगा। नवरात्रि के नौ दिनों में मां भगवती के नौ विभिन्न स्वरूपों की भक्तिभाव से उपासना की जाती है, जिससे घर-परिवार में सुख, शांति और संपन्नता का आगमन होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में जगदंबा के आगमन और प्रस्थान के वाहनों का अपना एक विशेष ज्योतिषीय व आध्यात्मिक महत्व होता है।

हाथी पर आगमन: सुख, समृद्धि और संपन्नता का सूचक
यद्यपि माता रानी का मुख्य वाहन सिंह (शेर) है, किंतु पृथ्वीलोक पर आते समय सप्ताह के दिनों के अनुसार उनके वाहन का निर्धारण होता है। देवीभागवत पुराण के श्लोक— “शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥”
अर्थात वार के आधार पर देवी के आगमन का वाहन तय किया जाता है।
जब माता रानी हाथी पर सवार होकर आती हैं तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इसका अर्थ है कि वर्ष में अच्छी वर्षा, अनाज की प्रचुरता और लोगों के जीवन में समृद्धि होगी। धार्मिक दृष्टि से हाथी शक्ति, स्थिरता और राजसुख का प्रतीक है। व्यक्तिगत स्तर पर भी इसका संकेत है कि भक्तों को मानसिक शांति, परिवारिक सुख और नए अवसर मिलेंगे।
दुनिया पर मंगलमय सकारात्मकता प्रभाव डालने वाला है। इसका असर धन-धान्य, कृषि, व्यापार और पारिवारिक जीवन पर सकारात्मक रूप से पड़ता है। यह समय लोगों के लिए शुभ फलदायी होता है। इस बार यदि मां दुर्गा हाथी पर सवार आएंगी तो यह समाज और व्यक्ति दोनों के लिए अत्यंत मंगलकारी और शुभ संकेत है।

नवरात्रि में मां दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर आएंगी। यह इस पर निर्भर करता है की नवरात्रि का शुभारंभ किस दिन से हो रहा है। अगर नवरात्रि की शुरुआत रविवार और सोमवार से हो तो माता दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।मंगलवार या शनिवार से हो रही है तो माता की सवारी घोड़ा होता है। वहीं अगर नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार से हो रही हो तो मां दुर्गा की सवारी पालकी या डोली होती है।

घोड़े पर प्रस्थान: उथल-पुथल और बदलाव की आहट
विजयादशमी जिस दिन मनाई जाती है, उसी दिन के आधार पर माता रानी की विदाई का वाहन तय होता है। इस साल विजयादशमी का त्योहार 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा और मां दुर्गा का प्रस्थान घोड़े पर होगा।
धार्मिक दृष्टिकोण से देवी मां का घोड़े पर विदा होना तीव्र परिवर्तन और उथल-पुथल का प्रतीक माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, घोड़े पर विदाई से देश-दुनिया में अशांति, तनाव की स्थिति, युद्ध की आशंका या प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोतरी की संभावना बनी रहती है।
