Edited By Niyati Bhandari,Updated: 10 Oct, 2026 10:44 AM

Vastu Tips for Veranda & Parking: घर के आगे बरामदा और पार्किंग बनाते समय रखें दिशाओं का ध्यान। जानें उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम दिशा में बरामदे के लिए वास्तु नियम, सही फ़र्श का स्तर और पौधों के चुनाव की जानकारी।
Vastu Tips for Veranda & Parking: घर का बरामदा और उसके आगे का पार्किंग क्षेत्र केवल बैठने या वाहन खड़े करने की जगह नहीं होता, बल्कि यह घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, क्योंकि इसके ऊपर छत भी होती है। बरामदा घर में खुली हवा और प्राकृतिक रोशनी के प्रवेश का माध्यम बनता है, वहीं घर के आगे की पार्किंग और बरामदा व्यवस्था आने वाले व्यक्ति पर घर की पहली छाप छोड़ती है। वास्तु सिद्धांतों के अनुसार घर के आगे बरामदा बनाते समय दिशा का विशेष महत्व होता है। बरामदा बनाते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए-
उत्तर दिशा में बरामदा: उत्तर दिशा में बरामदा बनाते समय उत्तर-ईशान की संरचना का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बरामदा घर का ही एक हिस्सा होता है, इसलिए उसके निर्माण के कारण ईशान कोण में कटाव नहीं होना चाहिए। चाहे तो ईशान कोण से लेकर वायव्य कोण तक पूरा बरामदा भी बनाया जा सकता है। यहां का फ्लोर लेवल बाकी घर के फ्लोर लेवल के बराबर या नीचा होना चाहिए।
पूर्व दिशा में बरामदा: इसी प्रकार पूर्व दिशा में बरामदा बनाया जा रहा है, तो इसकी योजना इस प्रकार होनी चाहिए कि घर का ईशान कोण कटने न पाए। चाहे तो ईशान कोण से लेकर आग्नेय कोण तक पूरा बरामदा भी बनाया जा सकता है। यहां का फ्लोर लेवल बाकी घर के फ्लोर लेवल के बराबर या नीचा होना चाहिए। उत्तर और पूर्व दिशा के बरामदे का उपयोग पार्किंग के लिए भी किया जा सकता है।

दक्षिण दिशा: दक्षिण दिशा में छोटा बरामदा बनाना है तो इसे दक्षिण आग्नेय की तरफ बनाना चाहिए, दक्षिण नैऋत्य कोण की तरफ बिल्कुल नहीं। चाहे तो आग्नेय कोण से नैऋत्य कोण तक पूरा बरामदा भी बना सकते हैं। यहां का फ्लोर लेवल बाकी घर के फ्लोर लेवल के बराबर होना चाहिए, नीचा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यहां का फ्लोर लेवल नीचा होने से घर की महिलाओं का स्वास्थ्य खराब होता है और आर्थिक स्थिति बिगड़ती है।

पश्चिम दिशा: पश्चिम दिशा में बरामदा बनाते समय इसे पश्चिम वायव्य की तरफ बनाना चाहिए, पश्चिम नैऋत्य की तरफ नहीं बनाना चाहिए। चाहे तो पश्चिम वायव्य से पश्चिम नैऋत्य तक पूरा भी बना सकते हैं। यहां का फ्लोर लेवल बाकी घर के फ्लोर लेवल के बराबर होना चाहिए, नीचा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यहां का फ्लोर लेवल नीचा होने से घर के पुरुषों का स्वास्थ्य खराब होता है और आर्थिक स्थिति बिगड़ती है। दक्षिण तथा पश्चिम दिशा में इसका फ्लोर लेवल घर के फ्लोर लेवल के बराबर रखते हुए पार्किंग बना सकते हैं।

हरियाली और पौधों की व्यवस्था: बरामदे और पार्किंग क्षेत्र को सुंदर बनाने के लिए छोटे एवं हल्के पौधे लगाए जा सकते हैं। पार्किंग या बरामदे की दीवारों के किनारों पर छोटे गमले या वर्टिकल गार्डन भी बनाया जा सकता है।
वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
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