Edited By Prachi Sharma,Updated: 24 Sep, 2026 01:09 PM

Disha Salian Case : दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन, अपने वकील के साथ, गुरुवार को दोपहर 2 बजे के बाद मुंबई में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के ऑफिस जाएंगे और केस से जुड़े कई सबूत सौंपेंगे। उम्मीद है कि सतीश सालियन यह मांग भी करेंगे कि संबंधित...
Disha Salian Case : दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन, अपने वकील के साथ, गुरुवार को दोपहर 2 बजे के बाद मुंबई में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के ऑफिस जाएंगे और केस से जुड़े कई सबूत सौंपेंगे। उम्मीद है कि सतीश सालियन यह मांग भी करेंगे कि संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाए और जो लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह घटनाक्रम शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और सतीश सालियन के बीच चल रहे कानूनी विवाद के बीच सामने आया है। गुरुवार को ठाकरे ने सालियन द्वारा भेजे गए 500 करोड़ रुपये के मानहानि के नोटिस को खारिज करते हुए औपचारिक कानूनी जवाब दिया। जवाब में, ठाकरे ने मानहानि के आरोपों से इनकार किया और माफी मांगने, अपने सोशल मीडिया पोस्ट हटाने या मुआवजा देने से मना कर दिया।
पत्र में कहा गया, "पोस्ट को श्री सतीश सालियन के बारे में झूठा, दुर्भावनापूर्ण या मानहानिकारक बताने की बात को पूरी तरह से खारिज किया जाता है। 'मुआवजे और नुकसान की भरपाई' के तौर पर 500 करोड़ रुपये की मांग मनमानी है और इसका कोई आधार, हिसाब-किताब या नुकसान का कोई सबूत नहीं है। इसमें माफी मांगने, पोस्ट हटाने, भुगतान करने या किसी अन्य कार्रवाई की कोई जरूरत नहीं है।
ठाकरे के वकील ने यह भी तर्क दिया कि 16 सितंबर को X (पहले ट्विटर) पर किए गए सोशल मीडिया पोस्ट में सतीश सालियन का कोई ज़िक्र या नाम नहीं था।
जवाब में कहा गया, "नोटिस में किसी भी पोस्ट में ऐसा कोई खास वाक्य, बात या आरोप नहीं बताया गया है जो सीधे तौर पर सतीश सालियन की ओर इशारा करता हो। न ही पोस्ट से यह साबित होता है कि जिन शब्दों पर आपत्ति जताई गई है, वे उन्हीं के बारे में हैं।
कानूनी जवाब में आगे यह भी तर्क दिया गया कि लंबे समय से चल रहे राजनीतिक और मीडिया कैंपेन से जुड़ी टिप्पणियों को किसी व्यक्ति का नाम जोड़कर मानहानि का मामला नहीं बनाया जा सकता। "इसके बजाय, विवादित पोस्ट को शिकायत, रिट कार्यवाही, मीडिया रिपोर्ट और आस-पास की राजनीतिक घटनाओं के साथ जोड़कर कथित आरोप गढ़ने की कोशिश की जा रही है। ऐसी अतिरिक्त सामग्री का इस्तेमाल पब्लिश हुई सामग्री को फिर से लिखने या ऐसा कोई आरोप बनाने के लिए नहीं किया जा सकता जो असल टेक्स्ट में मौजूद ही न हो। ऐसी कवायद असल में पब्लिश हुए शब्दों की जगह नहीं ले सकती," इसमें आगे कहा गया।
जवाब में कहा गया कि ठाकरे ने कानूनी नोटिस में लगाए गए हर आरोप और दावे को खारिज कर दिया है और उन्हें झूठा, गलतफहमी पर आधारित और कानूनी रूप से टिकने लायक नहीं बताया है। इससे पहले, 19 सितंबर को सतीश सालियन की ओर से पेश वकील नीलेश ओझा ने कहा था कि ठाकरे को माफी और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग वाला कानूनी नोटिस भेजा गया है।
ANI से बात करते हुए ओझा ने कहा, "हमारे एक जूनियर वकील अभी नोटिस दे रहे हैं। नोटिस में माफी और मुआवजे के तौर पर 500 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) मांगा गया है। संविधान के तहत सभी बराबर हैं। उन्होंने जो धमकी दी थी कि वे हमें वकालत नहीं करने देंगे, उसके जवाब में हम उन्हें यह दिखाने आए हैं, 'देखिए, हम यह नोटिस देने सीधे आपके दरवाजे पर आ रहे हैं। आप जितने चाहें उतने गुंडे ले आइए, जो चाहें वो कीजिए। दिशा सालियन 8 जून, 2020 को मुंबई में मृत पाई गई थीं। उनकी मौत को शुरू में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट के तौर पर दर्ज किया गया था।
उनकी मौत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से कुछ दिन पहले हुई थी; सुशांत की मौत के मामले में भी हाई-प्रोफाइल जांच हुई थी और काफी विवाद हुआ था।