Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Jul, 2026 03:35 PM

भारत के फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में मुकाबला तेज हो गया है। सैमसंग ने एप्पल के बहुप्रतीक्षित फोल्डेबल iPhone लॉन्च से पहले अपने तीन नए फोल्डेबल स्मार्टफोन पेश कर दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि एप्पल की एंट्री इस कैटेगरी के लिए गेमचेंजर साबित हो...
नई दिल्ली: भारत के फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में मुकाबला तेज हो गया है। सैमसंग ने एप्पल के बहुप्रतीक्षित फोल्डेबल iPhone लॉन्च से पहले अपने तीन नए फोल्डेबल स्मार्टफोन पेश कर दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि एप्पल की एंट्री इस कैटेगरी के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है और फोल्डेबल स्मार्टफोन को मुख्यधारा के बाजार में पहुंचाने का काम करेगी।
सैमसंग ने हाल ही में Galaxy Z Fold8, Galaxy Z Flip8 Ultra और Galaxy Z Flip8 लॉन्च किए हैं। वहीं, मोटोरोला ने भी अपनी Razr फोल्डेबल सीरीज को अपडेट किया है। इन लॉन्च के पीछे कंपनियों की रणनीति साफ है- एप्पल के संभावित iPhone Fold के बाजार में आने से पहले अपनी पकड़ मजबूत करना। माना जा रहा है कि एप्पल सितंबर में iPhone 18 Pro सीरीज के साथ अपना पहला फोल्डेबल iPhone पेश कर सकता है।
एप्पल की एंट्री से बाजार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
विश्लेषकों के अनुसार, एप्पल की मौजूदगी सिर्फ बिक्री तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फोल्डेबल स्मार्टफोन को लेकर उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ाएगी। एप्पल का बड़ा और वफादार यूजर बेस लंबे समय से फोल्डेबल iPhone का इंतजार कर रहा है। ऐसे में कंपनी के आने से इस सेगमेंट को नई गति मिलने की उम्मीद है।
2026 तक 30 लाख यूनिट पार करेगा बाजार
Counterpoint Research के मुताबिक, भारत में फोल्डेबल स्मार्टफोन की कुल शिपमेंट 2026 के अंत तक 30 लाख (3 मिलियन) यूनिट के पार पहुंच सकती है। वर्ष 2019 के बाद से इस बाजार में करीब 80% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि (CAGR) दर्ज होने का अनुमान है। इस साल फोल्डेबल स्मार्टफोन की शिपमेंट में लगभग 8% की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जबकि बढ़ती मेमोरी और कंपोनेंट लागत के कारण कुल स्मार्टफोन बाजार की शिपमेंट 13-14% घटकर 13.3 से 13.4 करोड़ यूनिट रहने का अनुमान है।
सैमसंग का दबदबा बरकरार
फिलहाल भारत के फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में सैमसंग की करीब 89% हिस्सेदारी है, जबकि मोटोरोला का हिस्सा लगभग 8% है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि एप्पल के आने के बाद प्रतिस्पर्धा और तेज होगी, जिससे सभी कंपनियां नए इनोवेशन और बेहतर प्रोडक्ट लाने पर जोर देंगी।