Edited By Tanuja,Updated: 08 Feb, 2026 04:44 PM

गिलेन मैक्सवेल जेफ्री एपस्टीन की निकटतम सहयोगी और सेक्स-ट्रैफिकिंग नेटवर्क की मुख्य संचालक थीं। उन्होंने कमजोर लड़कियों को लुभाकर एपस्टीन के पास भेजा और उसके ठिकानों का प्रबंधन किया। 2021 में उन्हें दोषी ठहराया गया और 2022 में 20 साल की सजा हुई।
International Desk: जेफ्री एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क में गिलेन मैक्सवेल का नाम सबसे अहम और विवादित रहा है। मैक्सवेल न केवल एपस्टीन की निकटतम साथी थीं, बल्कि उनके गंदे अपराधों के मुख्य संचालकों में से एक मानी जाती हैं। अदालत ने भी उन्हें एपस्टीन के नेटवर्क को चलाने और नए शिकार ढूंढने में मददगार पाया। दोनों की मुलाकात 1991 में न्यूयॉर्क में हुई थी और जल्द ही उनके बीच संबंध गहरे हो गए। एपस्टीन के पास धन था लेकिन हाई-प्रोफाइल लोगों तक पहुंच सीमित थी। वहीं मैक्सवेल एक प्रभावशाली ब्रिटिश परिवार से आती थीं; उनके पिता रॉबर्ट मैक्सवेल ब्रिटेन की संसद सदस्य और बड़े मीडिया व्यवसाय से जुड़े थे। इसलिए गिलेन के पास समाज में पहचान, क्लास और नेटवर्क था, जो एपस्टीन को अपने रैकेट को फैलाने में बेहद जरूरी था।
पीड़ितों के बयानों के अनुसार, मैक्सवेल युवा, कमजोर या आर्थिक रूप से अस्थिर लड़कियों को अपने जाल में फंसाती थीं। वह उन्हें दोस्ती, नौकरी, पैसे, शिक्षा और विदेश यात्रा का लालच देती और फिर उन्हें एपस्टीन के घरों में भेज देती। कई पीड़ितों ने बताया कि मैक्सवेल अक्सर कहती थी कि “नई लड़कियां लाओ और पैसे कमाओ”, और उनका काम लड़कियों को मानसिक रूप से तैयार करना और उन्हें ‘सुविधा’ के तौर पर एपस्टीन के पास भेजना था। गिलेन मैक्सवेल ने एपस्टीन के न्यूयॉर्क, पाम बीच, न्यू मैक्सिको और निजी द्वीप जैसे ठिकानों का प्रबंधन भी किया। वह लड़कियों की आवागमन, आवास, भुगतान और ट्रांसपोर्टेशन का जिम्मा संभालती थीं। उनकी मौजूदगी से यह पूरा ऑपरेशन ‘सुरक्षित’ और ‘नॉर्मल’ दिखाई देता था क्योंकि वह एक पढ़ी-लिखी, हाई-प्रोफाइल महिला थीं।कानूनी तौर पर मैक्सवेल को 2021 में नाबालिगों के सेक्स ट्रैफिकिंग, साजिश और अन्य गंभीर आरोपों में दोषी पाया गया। 2022 में उन्हें 20 साल की सजा सुनाई गई, और जज ने उन्हें एपस्टीन की “सबसे बड़ी मददगार” बताया।

हाल ही में (2024–2025 के दौरान) मीडिया और मानवाधिकार संगठनों ने गिलेन मैक्सवेल की जेल में स्वास्थ्य और सुरक्षा की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि उन्हें विशेष सुरक्षा और अलगाव में रखा गया है। हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग ने इन दावों का औपचारिक तौर पर खंडन किया है और कहा है कि उन्हें सामान्य कारागार नियमों के अनुसार रखा गया है। साथ ही, एपस्टीन की मौत के मामले की जांच अभी भी विवादों में है। एपस्टीन की मौत को अमेरिकी अधिकारियों ने आत्महत्या बताया, लेकिन कुछ परिवार और पीड़ितों ने इस पर संदेह जताया है और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग जारी रखी है। यह पूरा मामला दुनिया में मानव तस्करी और सेक्स ट्रैफिकिंग की भयावहता और शक्तिशाली नेटवर्क की खतरनाक वास्तविकता को उजागर करता है।