Edited By Pardeep,Updated: 01 Oct, 2026 06:23 AM

दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर एक सनसनीखेज और भयावह घटना सामने आई है।
दुबई/रियाद: दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर एक सनसनीखेज और भयावह घटना सामने आई है। लगभग 180 यात्रियों को ले जा रहे इस विमान में भारतीय कैप्टन और ओमान के को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हो गई। इसके बाद विमान द्वारा आपातकालीन संकेत भेजे जाने पर इसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां भारतीय कैप्टन ने विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
चाकू लगने के बाद भी लड़ते रहे कैप्टन स्मित माछर
रिपोर्ट्स और इजराइली अधिकारियों के अनुसार, कॉकपिट में ओमानी को-पायलट पर विमान को क्रैश करने की कोशिश का शक था, जिसे रोकने के लिए भारतीय कैप्टन उससे भिड़ गए। इस दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने के बाद भी कैप्टन ने हार नहीं मानी और को-पायलट से मुकाबला करते हुए विमान को सुरक्षित लैंड कराया। घटना के दौरान विमान से 7500 ट्रांसपोंडर कोड भेजा गया, जिसका उपयोग आमतौर पर गैरकानूनी हस्तक्षेप या अपहरण का संकेत देने के लिए किया जाता है। फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कौन हैं जांबाज कैप्टन स्मित माछर?
180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन की पहचान स्मित माछर के रूप में हुई है। वह वर्ष 2022 में फ्लाईदुबई में सीधे कैप्टन के रूप में शामिल हुए थे। इससे पहले वह स्पाइसजेट में 11 साल से अधिक समय तक कार्यरत रहे, जहां उन्होंने सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में सेवाएं दी थीं। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उनके पास 13 साल से अधिक का कमर्शियल उड़ान का अनुभव है और उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर लगभग 9,750 उड़ान घंटे पूरे किए हैं, जिसमें पायलट-इन-कमांड के तौर पर 6,400 से अधिक घंटे शामिल हैं।
इजराइल के पीएम और रक्षा मंत्री का बयान
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर विमान क्रैश करने का प्रयास किया था। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब के अधिकारियों ने आरोपी को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। वहीं, इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने इसे 'जिहादी आतंकवादी हमले का प्रयास' करार दिया, जिसका मकसद विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना था। हालांकि इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह विमान का अपहरण नहीं था और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।