PoK हिंसा पर अंतर्राष्ट्रीय कवरेज से बौखलाया पाकिस्तान, अल जज़ीरा की वेबसाइट की ब्लॉक

Edited By Updated: 03 Aug, 2026 11:45 AM

media outlet faces restriction in pakistan over pok unrest coverage

PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग के बाद पाकिस्तान में अल जज़ीरा की वेबसाइट तक पहुंच सीमित किए जाने के दावे सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर प्रेस की आज़ादी को लेकर बहस छिड़ गई है। PoK में हिंसा और प्रदर्शन जारी हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार ने...

Islamabad: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया है कि PoK की घटनाओं की रिपोर्टिंग के बाद पाकिस्तान में अल जज़ीरा की वेबसाइट तक पहुंच सीमित कर दी गई है। हालांकि, इस संबंध में पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूजर्स ने शिकायत की कि उन्हें अल जज़ीरा की वेबसाइट खोलने में दिक्कत आ रही है। इसके बाद इंटरनेट प्रतिबंध, प्रेस की स्वतंत्रता और लोगों के स्वतंत्र समाचार पाने के अधिकार को लेकर बहस तेज हो गई। कई लोगों ने आशंका जताई कि यह कदम PoK की घटनाओं की कवरेज से जुड़ा हो सकता है।

 

इस बीच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं। जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान सरकार ने भी इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। JAAC का कहना है कि मुजफ्फराबाद सहित कई इलाकों में देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहे। प्रदर्शनकारी अपने मूल अधिकारों की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए वादों को लागू करने की मांग कर रहे हैं।

 

PoK की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई गई है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (HRF) ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए पाकिस्तान से कार्रवाई रोकने, संचार सेवाएं बहाल करने और किसी भी अवैध बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि किसी अंतरराष्ट्रीय मीडिया मंच की पहुंच वास्तव में सीमित की गई है, तो इससे पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता, इंटरनेट आज़ादी और पारदर्शिता को लेकर बहस और तेज हो सकती है। फिलहाल पाकिस्तान सरकार ने वेबसाइट ब्लॉक किए जाने के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
 

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