यूक्रेन मामले पर रूस के दुष्प्रचार को उजागर करने का प्रयास कर रहा अमेरिका

Edited By PTI News Agency, Updated: 28 Jan, 2022 07:36 PM

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वाशिंगटन, 28 जनवरी (एपी) अमेरिका और उसके सहयोगी देश यूक्रेन को लेकर रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच खुफिया जानकारियां उजागर करके रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की योजनाओं को बेनकाब करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही वे यूक्रेन के मामले पर वैश्विक मत...

वाशिंगटन, 28 जनवरी (एपी) अमेरिका और उसके सहयोगी देश यूक्रेन को लेकर रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच खुफिया जानकारियां उजागर करके रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की योजनाओं को बेनकाब करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही वे यूक्रेन के मामले पर वैश्विक मत कायम करने के पुतिन के प्रयासों को विफल करने की भी कोशिश कर रहे हैं।

पिछले कुछ हफ्तों में व्हाइट हाउस ने आरोप लगाया है कि रूस झूठ पर आधारित अभियान चलाकर यूक्रेन पर आक्रमण करने का मौका तलाश रहा है। वहीं, ब्रिटेन ने यूक्रेन के कुछ नागरिकों का उल्लेख करके आरोप लगाया कि उनके उन रूसी गुप्तचर अधिकारियों के साथ संबंध हैं जो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को सत्ता से हटाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। अमेरिका ने रूसी सैनिकों की तैनाती का एक मानचित्र भी जारी किया है और विस्तारपूर्वक यह भी बताया कि अधिकारियों के अनुसार रूस लगभग 1,75,000 सैनिकों के साथ किस प्रकार यूक्रेन पर आक्रमण करने का प्रयास कर सकता है।

विशेषज्ञों ने व्हाइट हाउस को खुफिया जानकारियां साझा करने और झूठे दावे किये जाने से पहले ही उनके खंडन के लिये तैयार रहने का श्रेय दिया है।

हालांकि सूचना का जारी होना जोखिम रहित नहीं है। खुफिया आकलन में अलग-अलग निश्चितता होती है और अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सेना की गतिविधियों की तस्वीरें पेश करने के अलावा बहुत कम सबूत प्रदान किए हैं। वहीं, रूस ने अमेरिका के दावों को झूठ बताकर खारिज कर दिया है। साथ ही उसने अतीत में अमेरिका की खुफिया नाकामियों का भी जिक्र किया है, जिनमें इराक के हथियार कार्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा करना शामिल है।

रूस से अब तक परिवर्तन के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं, जो यूक्रेन की ओर और यूक्रेन के एक सहयोगी बेलारूस की ओर सेना को बढ़ाना जारी रखे हुए है। चल रहे राजनयिक प्रयासों को लेकर वाशिंगटन और लंदन में निराशा बढ़ रही है और साथ ही यह आशंका भी बढ़ रही है कि पुतिन अगले कुछ हफ्तों में किसी प्रकार का आक्रमण करेंगे।

रूस अपनी समग्र युद्ध नीति के तहत रणनीतिक रूप से दुष्प्रचार का इस्तेमाल कर भ्रम और मनमुटाव पैदा करने के लिये जाना जाता है। रूस ने जब 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप पर आक्रमण किया था, तो उसने क्षेत्र के रूसी जातीय निवासियों को प्रभावित करने के लिए एक अभियान चलाया था।

इस बार अमेरिका एवं उसके सहयोगियों का कहना है कि रूस यूक्रेनी नेताओं को हमलावरों के रूप में चित्रित करने और सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने के लिए अपने नागरिकों को राजी करने की कोशिश कर रहा है।

एपी अमित पवनेश पवनेश 2801 1938 वाशिंगटन

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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