शहबाज के खिलाफ धनशोधन मामले में अहम गवाह की मौत की जांच की मांग की पीटीआई ने

Edited By PTI News Agency, Updated: 13 Jun, 2022 12:28 PM

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इस्लामाबाद, 10 जून (भाषा) पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी ने एक व्यक्ति की मौत के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है जो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके बेटे हमजा शहबाज के खिलाफ...

इस्लामाबाद, 10 जून (भाषा) पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी ने एक व्यक्ति की मौत के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है जो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके बेटे हमजा शहबाज के खिलाफ 16 अरब रुपये के धन शोधन मामले में अहम गवाह था ।

अमीराती अधिकारियों के अनुसार मकसूद चपरासी के तौर पर पहचान रखने वाले मकसूद अहमद (49) की सात जून को अज्ञात कारणों से संयुक्त अरब अमीरात में मौत हो गयी थी ।

हालांकि, मीडिया में आयी खबरों में कहा गया कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुयी है ।

फेडरल जांच एजेंसी के अनुसार शरीफ पिता पुत्र के खिलाफ मामले में मकसूद अहम था । मामले की जांच करने वाली एजेंसी अब औपचारिक रूप से आरोपपत्र दाखिल करने के करीब है ।

विपक्षी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) ने आरोप लगाया कि शरीफ पिता पुत्र ने धन शोधन के लिये मकसूद और अपने अन्य कर्मचारियों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया
उसकी असामयिक मृत्यु के बाद पीटीआई ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जानी चाहिये क्योंकि शरीफ पिता पुत्र के खिलाफ मामले से जुड़ा वह दूसरा शख्स है जिसकी मौत हुयी है ।

हमजा शहबाज अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हैं।

इससे पहले फेडरल जांच एजेंसी (एफआईए) के जांचकर्ता मोहम्मद रिजवान की पिछले महीने दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी थी । इमरान खान के अपदस्थ होने के बाद शहबाज शरीफ के नेतृत्व में नयी सरकार के गठन से ठीक पहले वह लंबी छुट्टी पर गये थे । रिजवान एजेंसी के लाहौर के निदेशक थे ।

पीटीआई ने न केवल मकसूद बल्कि रिजवान की मौत के मामले की भी स्वतंत्र जांच कराने और मौत के कारणों का पता लगाने की मांग की ।

पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने ट्वीट किया, ‘‘यह बेहद परेशान करने वाली खबर है । जो शरीफ पिता पुत्र के मामले की जांच कर रहे हैं, या गवाह हैं उनकी अचानक मौत हो रही है। पहले डॉ रिजवान की अचानक मौत हो गयी और अब मकसूद चपरासी भी नहीं रहा जो इस मामले में एक अहम गवाह था ।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ और उनके बेटे को ‘सिसिलियन माफिया’ करार दिया है। हम इन दोनों मौत के मामले की जांच कराने की मांग करते हैं ।’’
प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ धन शोधन के मामले में मकसूद सह आरोपी था और उसे भगोड़ा करार दिया गया था । इमरान खान की अगुवाई में पीटीआई के सत्ता में आने से ठीक पहले वह 2018 में कथित रूप से यूएई भाग गया था ।

पूर्व पधानमंत्री इमरान खान अपने सार्वजनिक भाषणों में हमेशा उसका हवाला देते हुये कहते रहे हैं कि शहबाज शरीफ और उनके बेटे ने मकसूद के बैंक खाते का इस्तेमाल कर अरबों रुपये का धन शोधन किया है ।

इस बीच एफआईए के विशेष अभियोजक फारूक बाजवा ने कहा कि मकसूद की मौत से धन शोधन का मामला प्रभावित नहीं होगा ।

बाजवा ने मीडिया से कहा,‘‘मकसूद संदिग्ध था, और वह गवाह नहीं था, इसलिये इस मौत से मामला प्रभावित नहीं होगा ।’’
मकसूद रमजान शुगर मिल में चपरासी था, जिसका स्वामित्व शहबाज के बेटों के पास है । एफआईए को उसके खाते में तीन अरब रुपये मिले थे ।

शहबाज और उनके बेटे -हमजा और सुलेमान- इस मामले में मुख्य आरोपी हैं जबकि 14 अन्य मामले में सह आरोपी हैं ।

शहबाज और हमजा इस मामले में 11 जून तक अग्रिम जमानत पर हैं ।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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