ईरान पर फिर हमले करने की योजना में अमेरिका, सेना को तैयार रहने का दिया निर्देश

Edited By Updated: 08 Oct, 2026 08:26 AM

us puts military in ready mode for possible new strikes on iran

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन पेंटागन को नए हमलों की संभावना के लिए तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। 'एक्सियोस' (Axios) ने अमेरिकी...

वॉशिंगटन (अमेरिका) : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन पेंटागन को नए हमलों की संभावना के लिए तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। 'एक्सियोस' (Axios) ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन ने कुछ दिन पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) को ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने की तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया था। इस निर्देश में हमले शुरू करने के लिए कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई थी। 

अमेरिका और इजराइल के अधिकारियों ने 'एक्सियोस' को बताया कि नए सिरे से सैन्य कार्रवाई 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले और संभवतः इजराइल में होने वाले चुनावों से पहले भी हो सकती है, जो एक हफ्ते पहले होने की उम्मीद है। सूत्रों के हवाले से 'एक्सियोस' ने बताया कि अगर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू होती है तो इसमें ईरान के ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और परमाणु ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले शामिल होने की उम्मीद है। पेंटागन के एक अधिकारी ने 'एक्सियोस' से कहा, 'विभाग का काम राष्ट्रपति के सामने सैन्य विकल्प तैयार करना और उन्हें पेश करना है।' 

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप के पास किसी भी समय सभी विकल्प मौजूद हैं। अधिकारी ने कहा, 'अमेरिका बहुत मजबूत स्थिति में है; होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर उसका नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था ढह रही है। ईरान बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अब चीजें दो में से किसी एक रास्ते पर आगे बढ़ेंगी: आसान रास्ता या मुश्किल रास्ता। राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी विकल्प हैं और वह वही करेंगे जो अमेरिका के लिए सबसे अच्छा होगा।' 

'एक्सियोस' ने 'द अटलांटिक' की उस रिपोर्ट का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया है कि ट्रंप अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमले पर विचार कर रहे हैं। 'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को कैंप डेविड में कई घंटों तक बैठक की जिसमें युद्ध और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। इजराइल के एक अधिकारी ने बताया कि बैठक का एक हिस्सा ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने की संभावना पर केंद्रित था।

बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि बैठक "दीर्घकालिक" विदेश नीति की योजना पर केंद्रित थी। 'एक्सियोस' के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है। कतर के मध्यस्थ अभी भी ईरान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं जो अमेरिका के उस जवाबी प्रस्ताव पर आना है जिसमें परमाणु रियायतों की मांग की गई थी। एक दूसरे इजराइली अधिकारी ने एक्सियोस को बताया, 'ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू होने की चर्चा बढ़ गई है। चुनाव से पहले ऐसा होने की संभावना ज्यादा नहीं है, लेकिन हम इससे इनकार नहीं कर सकते। मध्यावधि चुनावों के बाद इसके होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।' 

ट्रंप ने बुधवार को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की; कई हफ़्तों तक बातचीत न होने के बाद कुछ ही दिनों में यह उनकी दूसरी बातचीत थी। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप और नेतन्याहू ने "7 अक्टूबर के नरसंहार के पीड़ितों की याद और सम्मान" के बारे में बात की। एक्सियोस के मुताबिक पहले इजराइली अधिकारी के अनुसार, यह बातचीत नेतन्याहू की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ ईरान पर बैठक के बाद हुई। नेतन्याहू ने सोमवार को रुबियो से भी बात की थी। रिपोर्ट के अनुसार अगर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू होती है, तो इसमें अमेरिका और इजराइल के मिलकर काम करने और इजराइली सेना के शामिल होने की संभावना है।

दो इजराइली अधिकारियों ने कहा कि ईरानी सरकार हताश और डरी हुई है जिससे तेहरान पहले हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान दो अचानक हमलों का सामना कर चुका है और तीसरा हमला नहीं झेलना चाहता। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार फिर से युद्ध छिड़ने से इजराइल के चुनावों पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि ईरान जवाबी कार्रवाई में इजराइल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें दाग सकता है।

इस बीच बुधवार (स्थानीय समय) को सैन एंटोनियो में रिपब्लिकन प्रचार रैली के लिए वाशिंगटन से निकलते समय ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु शक्ति खत्म कर दी है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध "बहुत तेजी से" खत्म हो जाएगा और दावा किया कि तेल की कीमतें "तेजी से गिरेंगी"। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'हमें जो करना है, उसके नजरिए से यह एक युद्ध है। हमें ईरान के परमाणु हथियारों से छुटकारा पाना है। हमने उनकी परमाणु शक्ति खत्म कर दी है। अगर उनके पास परमाणु शक्ति होती, तो आपको ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता जैसी आपने पहले कभी नहीं की थीं। अभी उनका पूरा देश बर्बाद हो चुका है। यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा, और जब ऐसा होगा, तो तेल की कीमतें तेज़ी से गिरेंगी।' 

इस बीच मंगलवार को ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से समुद्री यातायात पर अमेरिकी नियंत्रण के बारे में अपनी बात दोहराई और कहा कि यह जलमार्ग "अमेरिकी नौसेना और अमेरिका का है"। मैरीलैंड के स्पैरोज पॉइंट पर एक नए शिपयार्ड के निर्माण की घोषणा करते हुए ट्रंप ने इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को ईरान के खिलाफ एक प्रभावी नाकेबंदी बताया। ट्रंप ने कहा, 'किसी ने भी ऐसी नाकेबंदी कभी नहीं देखी, जिसमें कोई भी जहाज (एक भी नहीं) अंदर न आ पाए।' उन्होंने आगे कहा कि ईरान के बाहर से तेल की सप्लाई का स्तर फिर से उस स्तर पर पहुंच गया है जो "लगभग उससे भी ज्यादा है।' 

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