Edited By Rohini Oberoi,Updated: 18 May, 2026 12:15 PM

करीब डेढ़ महीने तक राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में चलने के बाद अर्जुन भारत नेशनल पार्टी (एबीएनपी) की बहुचर्चित ‘हिंदू जोड़ो यात्रा’ शुक्रवार को जयपुर में सम्पन्न हो गई। 29 मार्च 2026 को राजधानी जयपुर से शुरू हुई इस पदयात्रा के दौरान पार्टी ने राज्य...
नेशनल डेस्क। करीब डेढ़ महीने तक राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में चलने के बाद अर्जुन भारत नेशनल पार्टी (एबीएनपी) की बहुचर्चित ‘हिंदू जोड़ो यात्रा’ शुक्रवार को जयपुर में सम्पन्न हो गई। 29 मार्च 2026 को राजधानी जयपुर से शुरू हुई इस पदयात्रा के दौरान पार्टी ने राज्य के अनेक प्रमुख शहरों और जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाया। पार्टी के अनुसार यात्रा ने जोधपुर, अजमेर, जैसलमेर, बीकानेर, अलवर, भीलवाड़ा, बाड़मेर, उदयपुर, कोटा सहित राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों को कवर किया। यात्रा के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अर्जुन भारत नेशनल पार्टी (एबीएनपी) नेताओं ने इसे पार्टी के लिए “ऐतिहासिक जनसमर्थन अभियान” बताया।
पार्टी का दावा है कि यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक वर्गों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की, जिससे संगठन को राज्यभर में नई पहचान मिली है। पार्टी की प्रवक्ता अंजलि जैन ने कहा कि राजस्थान में अभियान को मिले समर्थन के बाद अब संगठन देशव्यापी स्तर पर इसी प्रकार की यात्रा निकालने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, 'जोड़ो यात्रा ने हमें जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर दिया। राजस्थान से जो प्रतिक्रिया मिली है उसने यह विश्वास मजबूत किया है कि इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ाया जा सकता है।'
उदयपुर में विरोध के बीच जारी रही यात्रा
यात्रा के दौरान उदयपुर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली। पार्टी नेताओं के अनुसार कुछ लोगों ने यात्रा को रोकने का प्रयास किया और कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की। हालांकि पार्टी ने दावा किया कि सभी बाधाओं के बावजूद यात्रा को बीच में नहीं रोका गया और बाद में कार्यक्रम सामान्य रूप से आगे बढ़ा। अंजलि जैन ने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए कहा कि कुछ शक्तियां नहीं चाहतीं कि" अर्जुन भारत नेशनल पार्टी" राजस्थान में तेजी से मजबूत हो।

उन्होंने कहा, 'किसी नए राजनीतिक संगठन को लगातार जनसमर्थन मिलने लगता है तब विरोध और अवरोध पैदा होना स्वाभाविक है लेकिन हमारी यात्रा को रोकने की हर कोशिश विफल रही और हम अपने अभियान को आगे बढ़ाने में सफल रहे। हमारी पार्टी ने हर चुनौती का शांतिपूर्ण तरीके से सामना किया।' राजनीतिक हलकों में उनके इस बयान को अप्रत्यक्ष रूप से विराज जन पार्टी (वीआरजेपी) की ओर इशारा माना जा रहा है क्योंकि अर्जुन भारत नेशनल पार्टी के कई नेता पहले उसी संगठन से जुड़े हुए थे।
कानून-व्यवस्था को लेकर उठी थीं आपत्तियां
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अजमेर में कुछ लोगों ने यात्रा का विरोध करते हुए कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई थी। बताया जाता है कि यात्रा में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम बंद करने और वापस लौटने की चेतावनी भी दी गई। हालांकि हालात ज्यादा नहीं बिगड़े और थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हो गई। पार्टी का कहना है कि यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं को संयम बरतने और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे, जिसके चलते कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया।
प्रशासनिक प्रशिक्षण के मुद्दे पर विराज जन पार्टी को घेरा
जयपुर में आयोजित समापन समारोह के दौरान अर्जुन भारत नेशनल पार्टी (एबीएनपी) ने विराज जन पार्टी की उस प्रस्तावित नीति की भी आलोचना की, जिसमें चुनाव जीतने वाले नेताओं के लिए अनिवार्य प्रशासनिक प्रशिक्षण की बात कही गई है। ज्ञात हो कि प्रशांत कुमार सैनी के नेतृत्व वाली विराज जन पार्टी यह विचार सामने रख चुकी है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशासन और शासन की समझ विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरना चाहिए। इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए अंजलि जैन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम निर्णय जनता का होता है और जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की वैधता पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। यदि लोग किसी उम्मीदवार को चुनते हैं, तो उस निर्णय का सम्मान होना चाहिए। राजनीतिक दलों को जनता के फैसले पर भरोसा रखना चाहिए।'
2028 विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी
अर्जुन भारत नेशनल पार्टी ने यह भी संकेत दिए कि पार्टी आगामी 2028 राजस्थान विधानसभा चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि ‘हिंदू जोड़ो यात्रा’ ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समापन कार्यक्रम में प्रदेश के कई जिलों से आए कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया। पार्टी नेतृत्व ने दावा किया कि यात्रा के माध्यम से एबीएनपी को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है जिससे संगठन को भविष्य में राजनीतिक विस्तार करने में मदद मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा के जरिए अर्जुन भारत नेशनल पार्टी ने खुद को राजस्थान की राजनीति में एक अलग वैचारिक पहचान देने का प्रयास किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस जनसंपर्क अभियान को आगामी चुनावी राजनीति में किस तरह उपयोग करती है।