Edited By Ramanjot,Updated: 28 Jul, 2026 10:22 AM

देवनानी ने कहा कि कुमावत का निधन सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने विधायक एवं संसदीय सचिव के रूप में क्षेत्र और प्रदेश की सेवा करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।
नेशनल डेस्क: राजस्थान में पूर्व संसदीय सचिव एवं कांग्रेस के नेता ब्रह्मदेव कुमावत का सोमवार को हृदयाघात के कारण निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुमावत की सोमवार को तबीयत बिगड़ने पर अजमेर जिले के नसीराबाद अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें अजमेर भेज दिया गया लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया।
अजमेर जिले में बांदनवाड़ा के रहने वाले कुमावत ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट न मिलने के बाद मसूदा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे। विधायक बनने के बाद उन्होंने तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार को अपना समर्थन दिया और उन्हें संसदीय सचिव बनाया गया था। उनके निधन पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
कई कांग्रेस नेताओं ने जताया गहरा दुख
देवनानी ने कहा कि कुमावत का निधन सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने विधायक एवं संसदीय सचिव के रूप में क्षेत्र और प्रदेश की सेवा करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने सदैव जनहित के विषयों को प्राथमिकता दी और अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने तथा शोक संतप्त परिजनों को यह अपार दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित कई कांग्रेस नेताओं ने कुमावत के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है।