भारत पहुंचे शी जिनपिंग: लाल कालीन और नृत्य से शानदार स्वागत, PM मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर

Edited By Updated: 12 Sep, 2026 02:55 PM

china s xi lands in delhi for brics summit and talks with modi

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे हैं। शनिवार शाम उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी। 2020 की सीमा हिंसा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया था। अब दोनों देश मतभेद संभालते हुए...

New Delhi: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को सात साल बाद भारत पहुंचे। वह दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अहम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। 2020 में हिमालयी सीमा पर हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्तों में आई कड़वाहट के बीच शी की यह भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शी जिनपिंग दिल्ली पहुंचने के बाद विमान से बाहर निकले तो उनका स्वागत लाल कालीन बिछाकर किया गया। इस दौरान भारतीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति भी दी। सात साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति की इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे आ रहे बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात शनिवार शाम प्रस्तावित है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा था कि दोनों नेताओं की यह तीन वर्षों में तीसरी मुलाकात होगी। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब दोनों देश सीमा पर तनाव कम करने और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य दिशा में आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।  भारत और चीन के संबंधों को 2020 में हिमालयी सीमा पर हुई हिंसक झड़प से बड़ा झटका लगा था। इस संघर्ष में भारत के 20 और चीन के चार सैनिकों की मौत हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक सीमा पर तनाव बना रहा। सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत के बाद अब दोनों देश संबंधों में सुधार की दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

 

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि चीन भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए।  चीन ने मतभेदों को उचित तरीके से संभालने और दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी, मित्र तथा एक-दूसरे का सहयोग करने वाले साझेदार के रूप में आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है।  BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।  दिल्ली में होने वाला सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक संकटों से जूझ रही है।

 

भारत-चीन रिश्तों पर टिकी दुनिया की नजर
शी जिनपिंग की सात साल बाद भारत यात्रा सिर्फ BRICS सम्मेलन तक सीमित नहीं है। मोदी-शी मुलाकात से यह संकेत मिल सकता है कि दोनों देश सीमा विवाद और पुराने मतभेदों के बावजूद अपने संबंधों को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। दुनिया की नजर खास तौर पर इस बात पर होगी कि दोनों नेता सीमा शांति, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर क्या संदेश देते हैं।
  

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!