दिल्ली-NCR में फिर हवा होने लगी जहरीली, CAQM ने फिर लागू कीं GRAP-1 की पाबंदियां; किन काम को करने की रहेगी मनाही

Edited By Updated: 19 May, 2026 08:37 PM

delhi ncr air becomes toxic again caqm reimposes grap 1 restrictions

दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर से हवा में प्रदूषण का जहर घुलना शुरू हो गया है। दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।

नेशनल डेस्कः दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर से हवा में प्रदूषण का जहर घुलना शुरू हो गया है। दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 19 मई को जारी अपने आदेश में पूरे दिल्ली-एनसीआर में GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के स्टेज-1 को लागू करने का फैसला लिया है, क्योंकि आज का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 208 दर्ज किया गया है。

तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
ग्रैप-1 लागू होने के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और सड़क के किनारे स्थित ढाबों के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अब इनके तंदूर में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को अब केवल बिजली या स्वच्छ गैस आधारित ईंधन का ही इस्तेमाल करना होगा।

निर्माण कार्यों पर रहेगी पैनी नजर
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण परियोजनाओं पर भी शिकंजा कसा गया है। अब 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े भूखंडों वाली निर्माण परियोजनाओं का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है और पंजीकरण न होने की स्थिति में काम पर रोक लगा दी जाएगी। इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मोक गन का उपयोग और मलबे को ढंकना जैसे धूल-विरोधी नियमों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।

पुराने वाहनों और जनरेटर पर पाबंदी
सड़कों पर प्रदूषण कम करने के लिए पुराने वाहनों (10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल) के चलने पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। वाहनों के लिए पीयूसी (PUC) सर्टिफिकेट की जांच सख्त कर दी गई है और चालकों को लाल बत्ती पर इंजन बंद करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है।

कूड़ा जलाने पर मनाही और सड़कों की सफाई
खुले में कचरा, पत्तियां या प्लास्टिक जलाने पर सख्त मनाही है और धूल कम करने के लिए सड़कों की मशीनीकृत सफाई व पानी का नियमित छिड़काव किया जाएगा। ईंट-भट्टों और उद्योगों में भी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। मौसम विभाग और IITM के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता इसी 'खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है, जिसके कारण इन उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!