भारत-कनाडा संबंधों को ‘नई ऊंचाई’ देने की तैयारी, जयशंकर ने कनाडाई विदेश मंत्री से की खास मुलाकात

Edited By Updated: 27 Sep, 2026 08:36 PM

india canada preparing to take ties to  higher level

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि दोनों देश संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक में सहयोग बढ़ रहा है तथा सीईपीए...

New York: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडा की अपनी समकक्ष अनीता आनंद के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के इतर ''सार्थक वार्ता'' करने के बाद कहा कि भारत और कनाडा अपने संबंधों को ''नयी ऊंचाई'' पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। जयशंकर ने शनिवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात हमेशा सुखद रहती है। उनके साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर मुलाकात की। संबंधों को नयी ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी के बीच सार्थक चर्चा हुई।'' कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस सप्ताह की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संभवत: इस साल दिसंबर के आसपास कनाडा की यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा था कि भारत के साथ व्यापार वार्ता में ओटावा ''अच्छी प्रगति'' कर रहा है। कार्नी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ''भारत के साथ हमारी व्यापार वार्ता में अच्छी प्रगति हो रही है।

 

ये संबंध लोगों के बीच आपसी संबंधों, सुरक्षा और व्यापार एवं अर्थव्यवस्था समेत कई स्तरों पर बेहद महत्वपूर्ण हैं।'' उन्होंने कहा था कि भारत और कनाडा ने पिछले साल जी20 शिखर सम्मेलन में यह प्रतिबद्धता जताई थी कि ''इस साल जी20 तक वार्ता पूरी करने की कोशिश की जाएगी।'' कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कनाडा यात्रा और भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में हुई प्रगति से जुड़े सवालों के जवाब में कही। इस समझौते का उद्देश्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर सालाना 70 अरब कनाडाई डॉलर तक पहुंचाना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14-15 दिसंबर को फ्लोरिडा के डोराल स्थित ट्रंप नेशनल डोराल मियामी रिसॉर्ट में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान भारत-कनाडा संबंधों में काफी गिरावट आई थी, खासकर सितंबर 2023 में उनके उस बयान के बाद जब उन्होंने कहा था कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां ब्रिटिश कोलंबिया में कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट की संभावित संलिप्तता के आरोपों की जांच कर रही हैं।

 

भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया था। इस राजनयिक विवाद के कारण दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित किया था और राजनयिक कर्मचारियों की संख्या में कटौती की थी। इस साल जुलाई में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने कहा कि उसे निज्जर की हत्या में भारत सरकार के अधिकारियों को जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं मिला है। मार्च 2025 में कार्नी के कार्यभार संभालने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने के संकेत दिखे हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री और मोदी ने पिछले साल जून में संबंधों में स्थिरता बहाल करने के लिए संतुलित कदम उठाने पर सहमति जताई थी। इसके बाद दोनों देशों में उच्चायुक्तों की वापसी हुई और उच्चस्तरीय बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ।

 

इस साल मार्च में दोनों सरकारों ने कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में ''महत्वपूर्ण प्रगति'' हुई है। भारतीय मूल की आनंद के माता-पिता तमिलनाडु और पंजाब से थे। उन्होंने 2025 में कनाडा की विदेश मंत्री बनने के बाद से जयशंकर के साथ भी कई बैठकें की हैं। भारत में ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने पर जारी चर्चा के बीच जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर वेनेजुएला के विदेश मंत्री फेलिक्स प्लासेंसिया गोंजालेज से भी मुलाकात की। जयशंकर ने बैठक के बाद कहा, ''द्विपक्षीय सहयोग के अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ हमारे ऊर्जा संबंध भी गति पकड़ रहे हैं। हमने मौजूदा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की।'' जयशंकर ने बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिझेनकोव एवं मेक्सिको के विदेश मंत्री रॉबर्टो वेलास्को अल्वारेज से भी मुलाकात की।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!