Operation Sindoor के बाद बढ़ी जैश-ए-मोहम्मद की टेंशन! संगठन में किया Women's Wing का ऐलान

Edited By Updated: 09 Oct, 2025 11:34 AM

jaish e mohammed is in a fix the organization has announced a women s wing

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इसी दबाव में आकर संगठन ने अब अपनी दशकों पुरानी नीति बदल दी है और महिलाओं को अपनी ब्रिगेड में शामिल करना शुरू कर दिया है।

इंटरनेशनल डेस्क : आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इसी दबाव में आकर संगठन ने अब अपनी दशकों पुरानी नीति बदल दी है और महिलाओं को अपनी ब्रिगेड में शामिल करना शुरू कर दिया है। जैश महिलाओं के हथियार उठाने के सख्त खिलाफ था, लेकिन पहलगाम हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद बदले हालात में संगठन के मुखिया मसूद अजहर और उसके भाई तलहा अल सैफ ने यह बड़ा फैसला लिया है।

महिला विंग का ऐलान 

बुधवार को मसूद अजहर के नाम से एक चिट्ठी जारी करके जैश ने अपनी महिला विंग (Female Wing) लॉन्च करने की घोषणा की।

  • इस महिला विंग का नाम 'जमात-अल-मोमिनात' होगा।
  • इस विंग की प्रमुख सादिया अजहर होंगी, जो आतंकी मसूद अजहर की बहन हैं।
  • सादिया के पति यूसुफ अजहर को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत की स्ट्राइक में जैश मुख्यालय पर मारा गया था।

जैश ने अपनी प्रोपेगंडा विंग 'अल-कलाम मीडिया' के ज़रिए यह जानकारी दी है कि उन्होंने बहावलपुर स्थित मरकज उस्मान-ओ-अली में महिलाओं की भर्ती शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती भर्ती में आतंकी कमांडरों की पत्नियों के साथ-साथ बहावलपुर, कराची, मुजफ्फराबाद और अन्य केंद्रों पर पढ़ने वाली गरीब महिलाएं शामिल हैं।

फिदायीन हमलों में इस्तेमाल की आशंका

जैश का यह कदम इसलिए चिंताजनक है क्योंकि यह संगठन पहले महिलाओं को जंग या भर्ती में इस्तेमाल नहीं करता था, जबकि ISIS, बोकोहराम, हमास और LTTE जैसे संगठन महिलाओं का प्रयोग Suicide Bomber के तौर पर करते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जैश द्वारा नया महिला दस्ता बनाने से इस बात की संभावना है कि संगठन इन महिलाओं का उपयोग भविष्य में फिदायीन हमलों को अंजाम देने के लिए कर सकता है।

 

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