Edited By Tanuja,Updated: 04 Feb, 2026 03:17 PM

खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवाट में अज्ञात बंदूकधारियों ने पुलिस कॉन्स्टेबल को अगवा कर जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी। यह हमला पाकिस्तान में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों के बीच आया है, जहां 2025 में हिंसा और हमलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
International Desk: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) के लक्की मरवाट जिले में मंगलवार रात एक पुलिस भर्ती कॉन्स्टेबल को अज्ञात बंदूकधारियों ने अगवा कर जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना सराय नौरंग के पास नासरखेल में दर्गा जंगल में हुई, जहाँ कॉन्स्टेबल को ले जाकर मार दिया गया। डिस्ट्रिक्ट पुलिस प्रवक्ता कुदरतुल्लाह ने बताया कि मृत कॉन्स्टेबल हंगू ट्रेनिंग स्कूल में उपचाराधीन था। उसने कहा कि असामाजिक तत्वों ने कॉन्स्टेबल को उसके घर से अगवा कर जंगल में ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में। 2022 में सरकार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बीच सैसफायर समझौता खत्म होने के बाद से हिंसा में तेजी आई है।
जनवरी 2026 में अन्य हमलें
14 जनवरी को बलूचिस्तान के डेरा मुराद जमाली में एक पुलिस हेड कॉन्स्टेबल अली गोहर को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी। 4 जनवरी को खैबर पख्तूनख्वा में दो अलग-अलग फायरिंग घटनाओं में चार पुलिसकर्मी मारे गए। लक्की मरवाट के सराय नौरंग शहर में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ट्रैफिक पुलिस पर गोली चलाई। मृतक में ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज नौरंग जलाल खान और दो कॉन्स्टेबल शामिल थे।
2025 में सुरक्षा स्थिति चिंताजनक
Pakistan Security Report 2025 (PIPS) के अनुसार 2025 में पाकिस्तान में हिंसा और संघर्ष बढ़कर 699 हमलों तक पहुंच गया, जो 2024 की तुलना में 34% अधिक है। इन हमलों में 1,034 लोग मारे गए और 1,366 घायल हुए, जो 21% की वृद्धि दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा में सुरक्षा बलों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है, और ज्यादातर हमले बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हुए। आतंकवादी समूहों, विशेषकर TTP, ने हमलों की रणनीतियों को बढ़ाया है, जिसमें हाईवे ब्लॉकेड, अपहरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान शामिल है।