महिंद्रा की SUV फिर हो सकती हैं महंगी, कंपनी के CEO ने दिए संकेत

Edited By Updated: 27 Sep, 2026 11:34 AM

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आगे बताते हुए गोल्लागुंटा ने कहा, "हम शायद अगले कुछ हफ्तों में यह फैसला लेंगे कि क्या हमें कीमतें बढ़ाने की जरूरत है... मैं यह नहीं कह सकता कि हम कीमतें बढ़ाएंगे या नहीं, लेकिन कच्चे माल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को देखते हुए हम इस पर बारीकी से...

नई दिल्ली: महिंद्रा एंड महिंद्रा अपने स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) पोर्टफोलियो की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर सकती है। कंपनी जिंस कीमतों में हालिया वृद्धि को देखते हुए अगले दो सप्ताह में इस संबंध में फैसला ले सकती है। महिंद्रा ऑटोमोटिव के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने एक न्यूज एजेंसी के साथ साक्षात्कार में कहा कि कंपनी इस साल जनवरी, अप्रैल और जुलाई में पहले ही तीन बार कीमतें बढ़ा चुकी है। जुलाई में एसयूवी की कीमतों में करीब 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी।

नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने कहा कि जिंस कीमतों में हालिया वृद्धि को देखते हुए कंपनी अगले कुछ सप्ताह में तय करेगी कि एक और बढ़ोतरी की जरूरत है या नहीं। गोल्लागुंटा के मुताबिक, कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का ग्राहकों की पूछताछ और बुकिंग पर फिलहाल कोई खास असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि महिंद्रा के वाहन अब भी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती से पहले की कीमतों के मुकाबले कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे मांग मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारी सीजन में महिंद्रा के साथ-साथ पूरे वाहन उद्योग में मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। उन्होंने इसकी वजह जीएसटी कटौती के बाद कीमतों में कमी और उत्पाद पोर्टफोलियो में बदलाव को बताया।

हाइब्रिड प्रौद्योगिकी के बारे में गोल्लागुंटा ने कहा कि महिंद्रा का मुख्य ध्यान इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पर है। उन्होंने कहा कि यदि नियामकीय व्यवस्था में बदलाव होता है तो कंपनी उसके अनुरूप अपनी रणनीति बदल सकती है, लेकिन फिलहाल बिजलीचालित परिवहन कंपनी की प्राथमिकता है। कंपनी की उत्पादन क्षमता के बारे में उन्होंने बताया कि महिंद्रा के पास फिलहाल हर महीने करीब 60,000 पारंपरिक इंजन (आईसीई) वाहन और 8,000 इलेक्ट्रिक वाहन की उत्पादन क्षमता है। मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक आईसीई क्षमता बढ़ाकर 70,000 और ईवी क्षमता बढ़ाकर 12,000 वाहन प्रति माह करने की योजना है। इस तरह कुल मासिक क्षमता करीब 84,000 वाहन तक पहुंच जाएगी। गोल्लागुंटा ने कहा कि कंपनी अगली दो तिमाहियों में कई नए उत्पाद बदलाव के साथ पेश करेगी और दो नए मॉडल उतारेगी।

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