Edited By Niyati Bhandari,Updated: 26 Sep, 2026 09:59 AM

Gaya Shradh: पितृ पक्ष शुरू होते ही दिल्ली से गया जाने वाली उड़ानों का किराया 16,000 रुपये तक पहुंच गया है। सीमित सीटों और ट्रेन में जगह न मिलने के कारण श्रद्धालु महंगा हवाई सफर करने को मजबूर हैं।
नई दिल्ली (प्रदीप कुमार सिंह/नवोदय टाइम्स): पितृ पक्ष शुरू होते ही गया जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। इसका असर दिल्ली से गया जाने वाली हवाई उड़ानों के किराये पर भी दिखाई देने लगा है। सीमित उड़ानों और बढ़ती मांग के कारण दिल्ली-गया रूट पर हवाई टिकट सामान्य दिनों की तुलना में दो से ढाई गुना तक महंगे हो गए हैं।
गौरतलब है कि गया को पितरों के श्राद्ध और पिंडदान के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। हर साल पितृ पक्ष के दौरान लाखों श्रद्धालु वहां पहुंचते हैं। दिल्ली समेत देश के बड़े शहरों से जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण हवाई यात्रा की मांग में भी तेजी आ जाती है। इसका असर सीधा श्रद्धालुओं की जेब पर पड़ता है। पितृपक्ष के दौरान गया एयरपोर्ट जाने वाली उड़ानों में सीटों की मांग बढ़ जाती है। जिन यात्रियों ने पहले टिकट बुक नहीं कराया, उन्हें अब अधिक किराया देना पड़ रहा है। सामान्य दिनों में जहां दिल्ली से गया का हवाई टिकट 6 से 7 हजार रुपए के बीच आ जाता है वहीं पितृ पक्ष पर यह बढ़कर 16 हजार तक पहुंच गया है। पितृ पक्ष के पहले ही दिन यानि 26 सितम्बर को दिल्ली से गया का किराया 14,841 रुपए हो गया है। वहीं 7 तथा 9 अक्तूबर को यही किराया बढ़कर 16,296 रुपए तक पहुंच गया है।
श्रद्धालुओं की मजबूरी-समय पर पहुंचना
दिल्ली निवासी यात्री संतोष कुमार ने बताया पितरों का श्राद्ध तय तिथि पर ही करना होता है। ट्रेन में समय और टिकट दोनों की समस्या थी इसलिए फ्लाइट से जाने का फैसला किया। किराया ज्यादा है लेकिन जाना जरूरी है। एक अन्य यात्री ने कहा परिवार के दो-तीन लोगों के साथ जाने पर खर्च काफी बढ़ जाता है। अगर पहले टिकट बुक कर लेते तो शायद कम पैसे लगते।
पहले बुकिंग से मिल सकती थी राहत
ट्रैवल कारोबार से जुड़े राजेश धमीजा के अनुसार धार्मिक आयोजनों के दौरान गया जाने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। पितृ पक्ष में तो गया की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। यात्री अक्सर अपनी पूजा की तारीख पहले से तय करके रखते हैं। अंतिम समय में टिकट लेने पर सीटों की उपलब्धता कम हो जाती है और किराया बढ़ जाता है। यात्रियों को पहले से बुकिंग कराने पर राहत मिल सकती है।
यात्रियों की संख्या में हो जाती है बढ़ोतरी
गया आने वाले कई श्रद्धालु पिंडदान के साथ बोधगया भी जाते हैं। पितृ पक्ष के दौरान धार्मिक पर्यटन बढ़ने से गया एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही में भी वृद्धि होती है। इसका असर गया एयरपोर्ट की हवाई सेवाओं पर भी पड़ता है।