अल नीनो के खतरे को लेकर मोदी सरकार 'अलर्ट मोड' पर : PMO में बड़ी बैठक, 262 जिलों के लिए बना 'मास्टर प्लान'

Edited By Updated: 07 Jul, 2026 11:26 PM

modi govt on alert mode regarding threat of el nino major meeting in pmo

खरीफ सीजन के बीच अल नीनो (Al Niño) के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है।

नई दिल्ली: खरीफ सीजन के बीच अल नीनो  के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी के मिश्रा की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अल नीनो के कृषि, अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई है। इस बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, बिजली और मौसम विभाग समेत 15 से अधिक मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

262 संवेदनशील जिलों पर पैनी नजर
सरकार ने देश के सबसे संवेदनशील 262 जिलों की पहचान की है, जिनके लिए एक विशेष आकस्मिक योजना (Contingency Plan) तैयार की गई है। कृषि मंत्रालय इन जिलों में बारिश की स्थिति, फसलों के पैटर्न, जलाशयों के जलस्तर और बीज-खाद की उपलब्धता की हर हफ्ते समीक्षा करेगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो का मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में सूखा पड़ेगा, लेकिन सावधानी के तौर पर यह मास्टर प्लान लागू किया गया है।

किसानों और पशुधन की सुरक्षा सर्वोपरि
बैठक में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) और ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) का दायरा तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, पशुपालन विभाग को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि वे देशभर में चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि डेयरी क्षेत्र पर कोई आंच न आए।

महंगाई और बीमारियों पर होगा कड़ा प्रहार
आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने दोतरफा रणनीति बनाई है:

  • महंगाई पर लगाम: उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि बाजार में दाल, चीनी और तेल जैसी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई कम न होने पाए ताकि कीमतें नियंत्रण में रहें।
  • हेल्थ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्रालय को गर्मी (लू) और डेंगू-मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों पर नजर रखने और समय रहते राज्यों को चेतावनी जारी करने को कहा गया है।

पीने का पानी सबसे बड़ी प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन इलाकों में अल नीनो का असर ज्यादा होगा, वहां पीने के साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जलाशयों के पानी का समझदारी से इस्तेमाल करना केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

मानसून की स्थिति:
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा था, लेकिन जुलाई के पहले हफ्ते में हुई अच्छी बारिश ने स्थिति सुधारी है। 7 जुलाई तक हुई बारिश के बाद देश में वर्षा की कुल कमी अब घटकर केवल 12 प्रतिशत रह गई है। आईएमडी का अनुमान है कि जुलाई और अगस्त में हल्के से मध्यम स्तर का अल नीनो सक्रिय रह सकता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!