Edited By Rahul Singh,Updated: 07 Oct, 2026 07:38 PM

फडणवीस ने आरोप लगाया कि ये विरोध प्रदर्शन भारत में ''अति वामपंथी'' शासन व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश है, और अपनी बात के समर्थन में उन्होंने संविधान सभा में डॉ भीमराव आंबेडकर के आखिरी भाषण का जिक्र किया।
मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को दावा किया कि कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के जरिए अराजकता फैलाने की ''होड़'' लगी हुई है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं में लोगों के विश्वास को कम करना है। फडणवीस ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ''स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि अराजकता फैलाने के लिए सीजेपी और कांग्रेस के बीच होड़ लगी हुई है। ऐसा लगता है कि अराजकता से पैदा हुए रिक्त स्थान को भरने के लिए दोनों के बीच एक तरह की प्रतिस्पर्धा चल रही है।''
उन्होंने आरोप लगाया कि जारी विरोध प्रदर्शन अब छात्रों के हितों से जुड़े नहीं रहे, बल्कि राजनीतिक हो गए हैं। फडणवीस ने कहा, ''यह आंदोलन पूरी तरह से राजनीतिक हो गया है।'' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे विपक्ष के नेता पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने कहा कि प्रदर्शनकारी संवैधानिक संस्थाओं की न्याय करने की क्षमता पर सवाल उठाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''वे अपने हाथों में संविधान तो रखते हैं, लेकिन संविधान के तहत बनी संस्थाओं को बदनाम करके, लोगों का संविधान से भरोसा उठाने की साजिश रचते हैं।''
फडणवीस ने आरोप लगाया कि ये विरोध प्रदर्शन भारत में ''अति वामपंथी'' शासन व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश है, और अपनी बात के समर्थन में उन्होंने संविधान सभा में डॉ भीमराव आंबेडकर के आखिरी भाषण का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी राजनीतिक हंगामा खड़ा करने के लिए हिंसा भड़काने और पुलिस को लाठीचार्ज करने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ''इन लोगों की कोशिश यह है कि हालात को हिंसक बनाया जाए, कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा की जाए और लाठीचार्ज की नौबत लाई जाए।'' मुंबई के शिवाजी पार्क में दो अक्टूबर को एक प्रदर्शन का नेतृत्व करने के बाद, सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।