Edited By Rahul Singh,Updated: 06 Oct, 2026 12:46 PM

रेखा गुप्ता ने सोमवार को लोक नायक अस्पताल स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बच्चियों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की।
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को लोक नायक अस्पताल स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बच्चियों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने काउंसलिंग, पुलिस सहायता, कानूनी सहयोग, मेडिकल सुविधा, अस्थायी आश्रय और मामलों में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी अधिकारियों से ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिंसा की शिकार हर महिला और बच्ची को समयबद्ध, संवेदनशील और सम्मानजनक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में सेंटर पहुंचने वाली महिला को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए। उसकी बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए और परिस्थिति के अनुसार जरूरी सहायता तत्काल मुहैया कराई जाए।
सभी सखी वन स्टॉप सेंटरों की मासिक रिपोर्ट होगी तैयार
रेखा गुप्ता ने दिल्ली के सभी सखी वन स्टॉप सेंटरों की विस्तृत मासिक फॉलोअप रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में केवल मामलों की संख्या दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। इसमें पुलिस को दी गई सूचना, एफआईआर की स्थिति, आरोपी के खिलाफ हुई कार्रवाई और पीड़िता को उपलब्ध कराई गई वास्तविक सहायता की जानकारी भी शामिल होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी थाने से जानकारी मिलने में देरी होती है या किसी तरह की परेशानी सामने आती है, तो उसे रिपोर्ट में दर्ज किया जाए। ऐसे मामलों को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने उठाकर जल्द समाधान कराया जाए। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार को भी मामले में हुई कार्रवाई की ताजा स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
POCSO मामलों में गोपनीयता पर विशेष जोर
बच्चियों से जुड़े POCSO मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों के रिकॉर्ड अलग और पूरी गोपनीयता के साथ रखे जाएं। एफआईआर, आरोपी की गिरफ्तारी, पुलिस कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया का नियमित और समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
एक ही जगह पर मिलती हैं कई तरह की सुविधाएं
सखी वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बच्चियों को एक ही स्थान पर कई तरह की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसमें तत्काल सुरक्षा, आपातकालीन मेडिकल जांच, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक काउंसलिंग, मुफ्त कानूनी परामर्श और एफआईआर दर्ज कराने में सहायता शामिल है। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को अल्पकालिक सुरक्षित आश्रय, भोजन, कपड़े और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के माध्यम से भी महिलाओं और बच्चियों को आवश्यक सहायता से जोड़ा जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए पीड़िता की जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां तत्काल पुलिस या कानूनी कार्रवाई की जरूरत हो, वहां संबंधित एजेंसियों को बिना देरी सक्रिय किया जाए। वहीं, यदि कोई महिला परिवार के साथ बातचीत या काउंसलिंग के जरिए समाधान चाहती है, तो उसकी इच्छा और परिस्थितियों का सम्मान करते हुए सीएडब्ल्यू सेल या अन्य संबंधित तंत्र के साथ समन्वय किया जाए।
आश्रय और बुनियादी सुविधाओं का भी लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने सेंटर में उपलब्ध अस्थायी आश्रय, भोजन, कपड़े, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला को लंबे समय तक आश्रय की जरूरत है तो संबंधित शेल्टर होम के साथ समन्वय कर उसके लिए उचित व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकारी व्यवस्था की सफलता केवल दर्ज किए गए मामलों की संख्या से नहीं, बल्कि पीड़ितों को मिली वास्तविक सहायता और मामले में आगे की गई कार्रवाई से भी तय होनी चाहिए।