Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Sep, 2026 11:13 AM

सिकंदराबाद सैन्य कैंप से AK-203 और 1900 कारतूस चुराने वाला पूर्व फौजी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान 37 वर्षीय उप्पुथोल्ला मल्लेश के रूप में हुई है, जिसने मद्रास रेजिमेंट की 20वीं बटालियन के हथियार घर (कोट और मैगज़ीन रूम) से भारी मात्रा...
हैदराबाद: सिकंदराबाद सैन्य कैंप से AK-203 और 1900 कारतूस चुराने वाला पूर्व फौजी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान 37 वर्षीय उप्पुथोल्ला मल्लेश के रूप में हुई है, जिसने मद्रास रेजिमेंट की 20वीं बटालियन के हथियार घर (कोट और मैगज़ीन रूम) से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और कारतूस पार कर दिए थे।पुलिस ने सिकंदराबाद छावनी के बोलारम में स्थित हाई-सिक्योरिटी मिलिट्री इलाके में मद्रास रेजिमेंट की 20वीं बटालियन के कोट और मैगज़ीन रूम से हथियार और लगभग 1,900 राउंड गोलियां चुराने के आरोप में सेना के एक रिटायर्ड हवलदार को गिरफ्तार किया है।
मल्लेश, जो 2010 में सेना में शामिल हुआ था और 30 जून, 2026 को (प्री-मैच्योर) रिटायर कर दिया गया था। इसी बात से नाराज होकर उसने अपनी ही पूर्व यूनिट को निशाना बनाने की साजिश रची। उसने 30 और 31 अगस्त की रात को यह चोरी की। पुलिस ने बताया कि उसका शुरुआती मकसद समय से पहले रिटायरमेंट से नाराज़गी थी। चुराए गए सामान में चार AK-203 राइफलें, एक INSAS राइफल, सात पिस्तौल, मैगज़ीन, एक पैसिव नाइट-विज़न दूरबीन और लगभग 1,900 राउंड गोलियां शामिल थीं।
तेलंगाना के DGP CV आनंद के अनुसार, मल्लेश दोबारा यूनिट में घुसा और मैगज़ीन कवर लिए, फिर बालाजी नगर स्थित अपने घर लौट आया। CCTV फुटेज में उसे सुबह 4:34 बजे घर पहुंचते हुए देखा गया। इसके बाद उसने मैगज़ीन वाला बैग अपनी सफेद ब्रेज़ा कार में रखा। वहां से वह एक मंदिर गया जहां उसने चुराए गए हथियार और गोलियां रखी थीं, सारा सामान कार में लोड किया और अचंपेट की ओर निकल पड़ा। पुलिस ने बताया कि मल्लेश ने टोल गेट से बचने के लिए आउटर रिंग रोड, सागर रिंग रोड और बैंगलोर गेट रोड का इस्तेमाल किया।
यात्रा के दौरान, मल्लेश ने यात्रियों को बिठाया ताकि यह सबूत बनाया जा सके कि वह किसी और काम से अचंपेट की ओर गया था। DGP आनंद के अनुसार, नौकरी से हटाए जाने के बाद, मल्लेश अपनी कार में यात्रियों को बिठाकर गुज़ारा कर रहा था। उसने सागर रिंग रोड टैक्सी पॉइंट के पास चार लोगों को बिठाया, उन्हें देवराकोंडा में उतारा और उनसे पैसे लिए। फिर उसने डिंडी में दो और यात्रियों को बिठाया, उनसे पैसे लिए और उन्हें आगे उतार दिया।
पुलिस के मुताबिक, मल्लेश 31 अगस्त को दोपहर करीब 1:15 बजे अचमपेट पहुंचा। जैसे-जैसे मल्लेश पर शक बढ़ा, वह घबरा गया और 6 सितंबर को पूरा सामान दूसरी जगह पहुंचा दिया। पुलिस ने बताया कि आखिरकार 10 सितंबर को मल्लेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके कबूलनामे के बाद, DCP की अगुवाई में हैदराबाद टास्क फोर्स की टीमों ने चोरी हुआ सारा सामान बरामद कर लिया। DGP CV आनंद ने कहा कि पुलिस अभी भी चोरी के पीछे की वजह और मकसद की जांच कर रही है और इस मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है।