Edited By Anu Malhotra,Updated: 11 Sep, 2026 12:15 PM

पूरे भारत में स्विगी के 50,000 से अधिक गिग वर्कर्स ने कंपनी के पार्टनर ऐप से आईटीआर (ITR) फाइल किया। डिलीवरी पार्टनर्स ने कुल 6.5 करोड़ के टैक्स रिफंड का दावा ठोका है। कंपनी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आईटीआर भरने वाले कुल वर्कर्स में से 33% से...
बेंगलुरु: पूरे भारत में स्विगी के 50,000 से अधिक गिग वर्कर्स ने कंपनी के पार्टनर ऐप से आईटीआर (ITR) फाइल किया। डिलीवरी पार्टनर्स ने कुल 6.5 करोड़ के टैक्स रिफंड का दावा ठोका है। कंपनी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आईटीआर भरने वाले कुल वर्कर्स में से 33% से अधिक लोग ऐसे थे, जिन्होंने जिंदगी में पहली बार अपना रिटर्न दाखिल किया।
यह सर्विस स्विगी के फ़ूड डिलीवरी बिज़नेस और क्विक-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म इंस्टामार्ट, दोनों के डिलीवरी वर्कर्स के लिए उपलब्ध थी। स्विगी ने कहा कि वर्कर्स ने इस सुविधा का इस्तेमाल उस TDS (सोर्स पर काटा गया टैक्स) के बदले रिफंड पाने के लिए किया, जो फाइनेंशियल ईयर के दौरान उनकी कमाई से काटा गया था।
क्यों काटा जाता है TDS, कैसे मिलता है रिफंड?
स्विगी ने साफ किया कि वित्तीय वर्ष के दौरान डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई में से जो TDS (Tax Deducted at Source) काटा गया था, उसी को वापस पाने के लिए यह रिटर्न फाइल कराया गया है। अक्सर गिग वर्कर्स की सालाना कुल कमाई इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार कर-मुक्त (Tax-Free) सीमा के दायरे में ही रहती है, लेकिन नियमों के तहत भुगतान के समय उनका TDS काट लिया जाता है। ऐसे में जब कुल टैक्स देनदारी शून्य या कम होती है, तो वर्कर आईटीआर फाइल करके उस कटे हुए पैसे (रिफंड) को सीधे अपने बैंक खाते में वापस मांग सकते हैं।
सिर्फ रिफंड ही नहीं, होंगे ये 3 बड़े फायदे
-ITR की कॉपी एक वैध इनकम प्रूफ (आय का सबूत) होती है। इससे बैंक या फाइनेंस कंपनियां आसानी से लोन दे देती हैं।
-शहर में घर किराए पर लेते समय आईटीआर दस्तावेज एक औपचारिक वित्तीय पहचान के रूप में काम आता है।
-औपचारिक वित्तीय रिकॉर्ड बनने से क्रेडिट कार्ड या अन्य बैंकिंग सुविधाएं हासिल करना आसान हो जाता है।
कंपनी ने अपनी डिलीवरी पार्टनर ऐप के ज़रिए यह सर्विस देने के लिए टैक्स-फाइलिंग प्लेटफ़ॉर्म ClearTax, TaxBuddy और Dvara Money के साथ पार्टनरशिप की। स्विगी के फ़ूड मार्केटप्लेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सौरव गोयल ने कहा, "हमारे डिलीवरी पार्टनर्स के लिए, लंबे समय की स्थिरता का मतलब एक पहचानी जाने वाली फाइनेंशियल पहचान बनाना है।" उन्होंने आगे कहा कि रिटर्न फाइल करने से वर्कर्स को फाइनेंशियल रिकॉर्ड बनाने और औपचारिक फाइनेंशियल सर्विस पाने में मदद मिल सकती है।