डीटीसी में तबादला, पोस्टिंग के मामले में आप के दो विधायक सीबीआई जांच के घेरे में

Edited By Yaspal,Updated: 04 Jul, 2022 09:04 PM

transferred to dtc two aap mlas under cbi probe in posting case

आम आदमी पार्टी (आप) के दो विधायक दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में ड्राइवर के स्थानांतरण और पोस्टिंग को कथित रूप से प्रभावित करने के आरोप में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के घेरे में आ गए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी

नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी (आप) के दो विधायक दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में ड्राइवर के स्थानांतरण और पोस्टिंग को कथित रूप से प्रभावित करने के आरोप में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के घेरे में आ गए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार डीटीसी के उपमहाप्रबंधक शकील अहमद ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि कई विधायक, ड्राइवर और अन्य डीटीसी कर्मचारियों के स्थानांतरण और पोस्टिंग से संबंधित मुद्दों में हस्तक्षेप करते हैं। अधिकारियों ने दावा किया कि अहमद ने जांच अधिकारियों को बताया कि दो विधायकों- सुल्तानपुर माजरा से मुकेश अहलावत और बुराड़ी से संजीव झा ने उन्हें पोस्टिंग प्रभावित करने के लिए पत्र लिखा था।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘क्या इस तरह की सिफारिशों में लेन-देन हुआ, यह सीबीआई के लिए जांच का विषय है। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा उनकी कथित भूमिकाओं की जांच की जाएगी।'' दोनों विधायकों ने अपनी ओर से किसी भी गलत काम से इनकार किया है और कहा कि पीड़ित जनता की शिकायतें उठाना उनका कर्तव्य है। अहलावत ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते अगर लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आते हैं तो वह अधिकारियों को फोन करते हैं।

अहलावत ने कहा, ‘‘अगर किसी ने मुझसे संपर्क किया होगा तो शायद मैंने अधिकारियों से उन लोगों को उनके निवास स्थान के करीब स्थानांतरित करने के लिए बात की होगी। जन प्रतिनिधि के रूप में यह मेरा कर्तव्य है।'' झा ने कहा कि जन प्रतिनिधि होने के नाते डीटीसी कंडक्टर और अन्य कर्मचारियों द्वारा अपनी पोस्टिंग और शिफ्ट के समय में बदलाव को लेकर उनसे संपर्क करना आम बात है। झा ने कहा, ‘‘मुझे ठीक से याद नहीं है, लेकिन यह संभव है कि मैंने उनकी ओर से पत्र लिखा हो।''

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने पिछले सप्ताह डीटीसी में सलाहकार के रूप में दो उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए 91,000 रुपये की रिश्वत के मामले में अहमद और पांच अन्य को गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने तलाशी ली, जिसमें अहमद के पास से करीब 40 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। अधिकारियों ने कहा कि अहमद के अलावा, सीबीआई ने उनके पूर्व निजी सहायक सुनील, डिपो मैनेजर, सेक्टर-3, रोहिणी, कीर्ति बाला मलिक, डीटीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी महेंद्र, सेवानिवृत्त सहायक यातायात निरीक्षक सफुज्जमा और डीटीसी के कर्मचारी जीतू को भी गिरफ्तार किया। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

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