Edited By Tanuja,Updated: 04 Oct, 2026 06:45 PM

फ्लाईदुबई हमले की जांच में सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल उठे हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, UAE ने यात्रियों और चालक दल की जानकारी पहले ही इजराइल से साझा की थी। आरोपी ओमानी सह-पायलट को कथित कट्टरपंथी विचारों के कारण पहले उड़ान से रोका गया था।...
Riyadh: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने 'फ्लाईदुबई' की उस उड़ान के यात्रियों और चालक दल की सूची पहले ही इजराइल के साथ साझा का दी थी, जिसमें एक सह-पायलट ने इजराइल जा रहे विमान पर नियंत्रण करने और उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी। क्षेत्रीय अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। यह जानकारी सामने आने के बाद इस बात पर सवाल उठे हैं कि हमलावर सुरक्षा जांच से कैसे बच निकला।
जांच जारी रहने के बीच, घटना से जुड़ी शुरुआती जानकारियों में सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियों का संकेत मिला है। अधिकारी पहले ही इस बात का खुलासा कर चुके हैं कि ओमान के सह-पायलट को उसके अपने देश ने कट्टरपंथी विचारों को लेकर चिंताओं के कारण विमान उड़ाने से रोक दिया था। अब तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि ओमान के एक नागरिक को, जिसके इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, इजराइली यात्रियों से भरे विमान को तेल अवीव ले जाने की अनुमति कैसे दी गई। जांच का नेतृत्व कर रहे संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि सह-पायलट ने बुधवार को कॉकपिट में आपातकालीन उपकरण के तौर पर रखी 'कुल्हाड़ी' से उड़ान के भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
मच्छार की वीरता के कारण 182 लोगों को लेकर जा रहा विमान सुरक्षित उतारा जा सका। क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि यूएई ने यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की राष्ट्रीयता सहित उनकी जानकारी इजराइल के साथ साझा की थी। इस संबंध में एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि इजराइल ने यात्रियों या चालक दल के किसी भी सदस्य के बारे में कोई सुरक्षा चेतावनी जारी नहीं की थी।