Edited By Tanuja,Updated: 20 Jul, 2026 07:28 PM

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि बहाल कराने के लिए कनाडा से समर्थन मांगा है। विदेश मंत्री इसहाक डार ने भारत से संधि तुरंत बहाल करने की अपील की। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह कहते हुए संधि निलंबित की थी कि आतंकवाद पर कार्रवाई होने तक...
International Desk: पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार ने सोमवार को सिंधु जल संधि समझौते को बहाल करने के लिए कनाडा से मदद मांगी। उन्होंने दो दिन की पाकिस्तान यात्रा पर पहुंचीं कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ यहां एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह मदद मांगी। सिंधु जल संधि (1960) भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुआ एक समझौता है। यह सिंधु घाटी की छह नदियों के पानी के बंटवारे को नियंत्रित करता है, जिसके तहत पूर्वी नदियां भारत को और पश्चिमी नदियां मुख्य रूप से पाकिस्तान को आवंटित की गई हैं।
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद इस संधि को निलंबित कर दिया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारत ने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह संधि निलंबित रहेगी। सोमवार को डार ने दावा किया कि अप्रैल 2025 में संधि को स्थगित करने की घोषणा करके भारत ने "पहले से ही अस्थिर सुरक्षा स्थिति में एक नया पहलू जोड़ दिया है"। डार ने कहा, "हम कनाडा समेत अपने मित्र देशों से समर्थन चाहते हैं ताकि भारत के साथ सिंधु जल संधि को तुरंत बहाल किया जा सके, पानी के हथियार के तौर पर इस्तेमाल को खत्म किया जा सके और अंतरराष्ट्रीय कानून व परंपराओं के अनुसार अंतरराष्ट्रीय कानून एवं संधि की शर्तों का पालन किया जा सके।"