ब्रिक्स समिट में होगा सबसे बड़ा कूटनीतिक मिलन; जिनपिंग का भारत दौरा शुरू, मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर

Edited By Updated: 12 Sep, 2026 11:15 AM

xi jinping leaves beijing for delhi to attend 18th brics summit

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार सुबह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नई दिल्ली रवाना हुए। करीब सात साल बाद भारत आ रहे शी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात प्रस्तावित है। यात्रा को भारत-चीन संबंधों को स्थिर करने और...

 Bejing: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार सुबह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बीजिंग से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे शी जिनपिंग की यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। शिखर सम्मेलन से इतर आज प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शी जिनपिंग के प्रतिनिधिमंडल में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और केंद्रीय समिति के जनरल ऑफिस के निदेशक काई ची भी शामिल हैं। चीन के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य वांग यी भी उनके प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत की यात्रा कर रहे हैं।

 

इससे पहले वह अक्टूबर 2019 में चेन्नई के पास मामल्लपुरम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए भारत आए थे। इसके अलावा 2016 में उन्होंने गोवा में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा सितंबर 2014 में हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की प्रस्तावित मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब भारत और चीन पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवाद के बाद अपने संबंधों को धीरे-धीरे स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी दोनों नेताओं के बीच लगातार हो रही मुलाकातों को सकारात्मक संकेत के तौर पर पेश किया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा था कि कजान और तियानजिन में दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद यह लगातार तीसरा वर्ष होगा जब मोदी और शी की मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के अनुरूप काम करना चाहता है।

 

माओ निंग के मुताबिक, चीन द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखता है। बीजिंग संवाद बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने और मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने पर जोर देता है। उन्होंने दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी, मित्र और एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करने वाले साझेदार के रूप में आगे बढ़ने की बात कही।शी जिनपिंग की भारत यात्रा सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है। भारत इस समय ब्रिक्स का अध्यक्ष है और शनिवार तथा रविवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। चीन ने ब्रिक्स को उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के बीच एकजुटता तथा सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बताया है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर व्यापार, सुरक्षा, युद्ध और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है, ब्रिक्स सम्मेलन में भारत और चीन की भूमिका पर भी विशेष नजर रहेगी।  

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