केवल कंपनी के स्तर का लेन देन करने वाली इकाइयों के लिए भीम, रूपे अनिवार्य नहीं

Edited By PTI News Agency,Updated: 20 May, 2020 10:46 PM

pti state story

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) वित्त मंत्रालय ने बुधवार को 50 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार वाली और केवल कंपनियों के बीच (बी2बी) लेन-देन करने वाली इकाइयों के लिये केवल रूपे या भीम-यूपीआई जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भुगतान स्वीकार करने की अनिवार्यता...

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) वित्त मंत्रालय ने बुधवार को 50 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार वाली और केवल कंपनियों के बीच (बी2बी) लेन-देन करने वाली इकाइयों के लिये केवल रूपे या भीम-यूपीआई जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भुगतान स्वीकार करने की अनिवार्यता से छूट दी।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक परिपत्र में कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि कानून की धारा 269एसयू उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा जो केवल बी2बी सौदा करते हैं। यानी वे खुदरा ग्राहकों के साथ सौदा नहीं करते....बशर्ते ठीक पहले के वर्ष में उनकी 95 प्रतिशत सकल प्राप्ति नकदी के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से हुई हो।’’
सरकार ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये वित्त कानून, 2019 में नया प्रावधान धारा 269एसयू जोड़ा । इसके तहत अगर व्यक्ति कोई कारोबार कर रहा है और उसकी बिक्री/कारोबार/सकल प्राप्ति ठीक पिछले वर्ष में 50 करोड़ रुपये से अधिक है तो उसे अनिवार्य से भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से स्वीकार करने की जरूरत थी।
इसी अनुसार दिसंबर 2019 में रूपे आधारित डेबिट कार्ड, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) (भीम यूपीआई) और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस क्विक रिस्पांस कोड (यूपीआई) को अधिसूचित किया जिसके जरिये भुगतान स्वीकार किया जा सकता था।

सीबीडीटी ने कहा कि उसे इस बारे में सूचना दी गयी थी कि निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भुगतान की अनिवार्यता सामान्य तौर पर बी2सी (कंपनी से ग्रााहक के बीच) कंपनियों के लिये है जो सीधे खुदरा ग्रााहकों से सौदा करती हैं।

पुन: निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में प्रति लेन-देन या प्रतिदिन अधिकतम भुगतान सीमा है, ऐसे में यह बी2बी के लिये प्रासंगिक नहीं है। कंपनियों से कंपनियों बीच लेनदेन करने वाली यानी बी2बी इकाइयां आमतौर पर बड़ी राशि एनईएफटी या आरटीजीएस के जरिये प्राप्त करती हैं।

सीबीडीटी ने कहा कि इस प्रकार कंपनियों के लिये भुगतान निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से स्वीकार करने की अनिवार्यता से प्रशासनिक असुविधा होगी और अतिरिक्त लागत वहन करना होगा।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Related Story

IPL
Chennai Super Kings

176/4

18.4

Royal Challengers Bangalore

173/6

20.0

Chennai Super Kings win by 6 wickets

RR 9.57
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!