केरल में सीआरजेड नियमों का उल्लंघन : न्यायालय ने कहा कि उसके आदेशों का शब्दश: पालन हो

Edited By Updated: 28 Sep, 2020 10:45 PM

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नयी दिल्ली, 28 सितम्बर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह देखना चाहता है कि केरल में तटीय नियमन क्षेत्र (सीआरजेड) मानकों का उल्लंघन कर बनाए गए ढांचों को तोड़ने के लिए उसके आदेश का शब्दश: पालन किया जाता है अथवा नहीं।

नयी दिल्ली, 28 सितम्बर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह देखना चाहता है कि केरल में तटीय नियमन क्षेत्र (सीआरजेड) मानकों का उल्लंघन कर बनाए गए ढांचों को तोड़ने के लिए उसके आदेश का शब्दश: पालन किया जाता है अथवा नहीं।


उच्चतम न्यायालय ने एक पूर्व सैनिक और फिल्म निर्देशक ए. के. रवींद्रन की तरफ से दायर अवमानना याचिका पर केरल के मुख्य सचिव से चार हफ्ते के अंदर जवाब मांगा। याचिका में आरोप लगाया गया कि पिछले वर्ष 23 सितम्बर के उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है। आदेश में उच्चतम न्यायालय ने केरल सरकार को सीआरजेड नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया था।


कोच्चि के मरदु में अपार्टमेंट ध्वस्त करने के पिछले वर्ष आठ मई के फैसले की निरंतरता में ही 23 सितम्बर के निर्देश जारी किए गए थे।


न्यायमूर्ति आर. एफ. नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति के. एम. जोसफ की पीठ ने कहा कि सीआरजेड नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए ढांचों को हटाने के बारे में उच्चतम न्यायालय के आदेशों का ‘‘अक्षरश:’’ पालन किया जाए।


रवींद्रन की तरफ से पेश हुए वकील सचिन पाटिल ने कहा कि शीर्ष अदालत के 23 सितम्बर 2019 के फैसले का जानबूझकर कथित तौर पर अवज्ञा करने वाले (केरल के मुख्य सचिव) के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए।


उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष 23 सितम्बर को कहा था कि केरल के तटीय क्षेत्रों में बने अवैध निर्माण पर्यावरण के लिए ‘‘गंभीर क्षति’’ हैं और कोच्चि के मरदु में बड़े पैमाने पर हुए अनधिकृत निर्माण पर निराशा जाहिर की थी।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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