Edited By Pardeep,Updated: 13 Mar, 2026 12:37 AM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालात और उसके असर पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा स्थिति बेहद गंभीर है और...
नेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालात और उसके असर पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा स्थिति बेहद गंभीर है और क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को लेकर भारत को गहरी चिंता है।
नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को नुकसान पर जताई चिंता
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मिडिल ईस्ट में बढ़ती हिंसा, आम नागरिकों की मौत और नागरिक बुनियादी ढांचे को हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी संघर्ष में सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को होता है और इसलिए हालात को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत की पहली प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि विदेशों में रह रहे India के नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकट के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो, इस पर भी जोर
पीएम मोदी ने कहा कि इस संकट के बीच यह भी जरूरी है कि सामान और ऊर्जा की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे। उन्होंने बताया कि वैश्विक व्यापार मार्ग और ऊर्जा आपूर्ति पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम हैं, इसलिए इन्हें बाधित होने से बचाना जरूरी है।
शांति, स्थिरता और कूटनीति के पक्ष में भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा से शांति, स्थिरता और कूटनीतिक समाधान का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट का हल केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही निकल सकता है। भारत क्षेत्र में शांति बहाल करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा और उम्मीद करता है कि सभी पक्ष बातचीत के रास्ते को अपनाएंगे।