अर्थव्यवस्था मजबूत, जल्दी ही चुनौतियों से पार पा लेंगे: मनमोहन

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Friday, August 30, 2013-1:14 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार लोकसभा में अर्थव्यवस्था की खराब हालत पर अपना बयान दिया। मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का मूल ढांचा पूरी तरह मजबूत है और हाल के समय में जो भी चुनौतियां सामने आ रही हैं उनसे जल्दी ही निपट लिया जाएगा। संसद के दोनों सदनों में आज देश की अर्थव्यवस्था को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर बयान देते हुए डा. सिंह ने कहा कि हमारा मूलभूत ढांचा पहले की तरह मजबूत है और जो चुनौतियां सामने आ रही हैं उनसे निपटने में कोई दिक्कतें नहीं आएंगी।

 

डा. सिंह ने कहा कि इन सभी चुनौतियों से जल्दी ही पार पा लिया जाएगा। डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका में आर्थिक मंदी के समय अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए जो प्रोत्साहन पैकेज दिया गया था। इस वर्ष में उसको धीरे-धीरे वापस लेने के संकेतों के बाद रुपए पर दबाव बनना शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक ने रुपए में आ रही गिरावट को रोकने के लिए जो कदम उठाए हैं उसके परिणाम जल्दी ही सामने आने लगेंगे।

 

डा. सिंह ने कहा कि रपये के गिरावट को थामने के लिए जो कदम उठाए गए उसको लेकर कुछ शंकाए उठाई गईं। डा. सिंह ने कहा कि वे सदन और विश्व को आश्वस्त करना चाहते हैं कि सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठाने जा रही है जिससे की निवेश के माहौल पर प्रतिकूल असर पड़े। इसके अलावा  डा. सिंह ने लोकसभा में कहा-

-सीरिया संकट की वजह से अर्थव्यवस्था के हालत खराब हुए

-कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भी हालत बिगड़े
-ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की करेंसी में गिरावट
-घरेलू कारणों से भी गिर रही है रुपए की कीमत
-चालू खाते के घाटे से रुपए पर दबाव
-विकासशील देशों की मुद्राएं कमजोर हुई है
-रुपए में गिरावट चिंता का विषय
-निर्यात बढ़ाया जाना चाहिए और आयात कम करना चाहिए
-सब्सिडी पर कड़े फैसले लेने का वक्त
-देश का आर्थिक ढांचा मजबूत है
-सुधारों के लिए आम सहमति जरूरी
-देश का बैंकिंग सेक्टर मजबूत है
-हमारे पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है, 278 अरब डॉलर है मुद्रा भंडार
-अच्छे मानसून से विकासदर बढ़ने की उम्मीद
-अर्थव्यवस्था सुधरने में थोड़ा वक्त लगेगा
-उदारीकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी
-सोने का आयात कम करना होगा
-व्यापार घाटे को कम करने की कोशिश


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