भारत को विदेशों से कर्ज लेने की जरूरत नहीं: मोंटेक

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Friday, September 06, 2013-4:11 PM

नई दिल्ली: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने आज कहा कि रुपए में जारी गिरावट, चालू खाता घाटा और आॢथक मोर्चे पर सुस्ती के बावजूद भारत को फिलहाल विदेशों से कर्ज लेने की जरूरत नहीं है। हलूवालिया ने कहा ‘देश के पास अब भी 280 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। ऐसे में मुझे लगता है कि हमें फिलहाल विदेशों से कर्ज लेने की तब तक कोई जरूरत नहीं है जब तक कि हालात बहुत बदतर न न हो जायें।’

उन्होंने कहा कि ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) देशों का साझा कोष का उपयोग केवल दीर्घ अवधि में भारत की मदद के लिए किया जाएगा। रुपए में फिलहाल जारी गिरावट और आॢथक संकट से निपटने के लिए इसकी कोई जरूरत अथवा प्रासंगिकता नहीं है। अहलूवालिया ने कहा कि पिछले दिनों डॉलर के मुकाबले रुपए में आई रिकार्ड गिरावट से अर्थव्यवस्था की बुनियाद के संबंध में किए जा रहे तमाम दावों को सही ठहरा पाना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि रुपए में कुछ गिरावट को तो तर्कसंगत माना जा सकता है लेकिन इसका 69 रुपए प्रति डॉलर के करीब पहुंच जाना चिंताजनक है। अहलूवालिया ने कहा कि अर्थशास्त्रियों ने भारतीय मुद्रा के 59 से 65 रुपए प्रति डॉलर के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया था। लेकिन रुपया इसके काफी उतरकर 68 रुपया प्रति डॉलर से भी नीचे चला गया।

अमेरिकी फेड रिजर्व की ओर से अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए दिया जा रहा पैकेज वापस लेने की अटकलों के बीच वैश्विक स्तर पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्रा में उतार-चढाव के कारण देश के मुद्रा बाजार में भी उथल-पुथल है। विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय बाजार से बडी मात्रा पैसे निकालने के कारण रुपया तलहटी में पहुंच गया।


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