सोने के बदले ऋण देने वालों पर RBI ने कसी लगाम

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Wednesday, September 18, 2013-10:56 AM

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोने के बदले कर्ज देने वाली कंपनियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी करते हुए इन पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। बढते चालू खाता घाटे के लिए सरकार और रिजर्व बैंक अरसे से सोने के आयात और इसकी बढती खपत को जिम्मेदारी मानते आए हैं लिहाजा सोने के इस आकर्षण को खत्म करने के लिए आरबीआई ने यह कदम उठाया है।

आरबीआई के इस कदम से बाम्बे शेयर बाजार में स्वर्ण के बदले ऋण देने का कारोबार करने वाली प्रमुख कंपनियों मुत्थुट और मण्णापुरम पाइनेंस जैसी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई आरबीआई ने कहा है कि नई व्यवस्था के तहत सोने के बदले कर्ज गिरवी रखे माल की कुल कीमत का 60 प्रतिशत तक ही दिया जा सकेगा। इसके अलावा कर्ज देते वक्त ऋणदाता कंपनी को गिरवी रखे गए सोने की कीमत बाम्बे सर्राफा संघ की ओर से एक महीने पहले तय किए गए 22 कैरेट सोने के बंद भाव के अनुपात आधार पर तय करनी होगी।

आरबीआई ने यह व्यवस्था भी की है कि 20 ग्राम से ज्यादा का सोना गिरवी रखने वालों को उस सोने पर मालिकाना हक के दस्तावेजी सबूत बैंक में पेश करने होंगे। आरबीआई ने यह भी कहा है कि कर्जदाता कंपनी को सोना गिरवी रखते समय उसकी तय की गई कीमत का खुलासा करना जरूरी होगा ताकि किसी कारण वश यदि कर्जदाता रिण चुकाने में असमर्थ रहता है तो उसके द्वारा रखे गए सोने की नीलामी में सहूलियत हो।

नए दिशानिर्देशों के तहत सोने के बदले ऋण देने वाली कंपनियों को एक हजार से अधिक शाखाएं खोलने के लिए आरबीआई की पूर्वअुनमति लेनी होगी। मुत्थुट फ्इानेंस और मन्नापुरम फाइनेंस की इस समय देश में क्रमश: 3801 और 3293 शाखाएं हैं।
 


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