'देश में 60 करोड़ लोगों के बैंक खाते नहीं हैं'

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Monday, September 30, 2013-12:48 PM

अंबाला: आल इंडिया बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम ने कहा है कि ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त संख्या में बैंक शाखाएं नहीं होने की वजह से देश में करीब 60 करोड़ लोगों के बैंक खाते नहीं हैं। कल यहां स्टेट बैंक आफ पटियाला की कर्मचारी यूनियन के राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करने के बाद उन्होंने कहा कि महंगाई और मंदी से देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि रोजगार के क्षेत्र में वृद्धि दर बहुत निम्न है और केंद्रीय सेवाओं की करीब 6 लाख स्थायी नौकरियां खत्म कर दी गई हैं जिससे युवाओं के लिए अनिश्चितता पैदा हो गई है। असंगठित क्षेत्र में 20 करोड़ महिलाएं काम कर रही हैं, लेकिन उनके प्राथमिक अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र द्वारा कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। वेंकटचलम ने आरोप लगाया कि सरकार और रिजर्व बैंक निजी बैंकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं और बड़े उद्योग घरानों को बैंक लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।


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