दावोस में भारत संबंधी चर्चा में लोकसभा चुनाव, आप हावी

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Thursday, January 23, 2014-4:02 PM

दावोस: विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में भारत के बारे में हुई चर्चाओं में आम आदमी पार्टी और अगले लोकसभा चुनाव का मुद्दा हावी रहा। यहां लगभग हर विदेशी नेता ने अपने भारतीय समकक्ष से भारत में चल रही नयी राजनीतिक हलचल.... अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी... और आगामी  लोकसभा चुनाव में उसके संभावित प्रभाव के मुद्दे पर पूछताछ की।

 
कुछ भारतीय नेताओं ने ‘आप’ के उदय को ‘दिल्ली केंद्रित घटनाक्रम’’ बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि भारतीय लोकतंत्र में भीड़ पर आधारित राजनीति की कोई जगह नहीं है।  बहरहाल, उन्होंने यह जरूर माना कि ‘आप’ ने भारत में लोगों की महत्वाकांक्षाओं को महसूस किया और वह प्रशासन में सुधार की जरूरत की बात कर रही है।
 
विश्व आर्थिक मंच के ज्यादातर प्रतिभागियों ने बताया कि भारत के विकास की कहानी की निरंतरता के बारे में विदेशी निवेशकों को आश्वस्त करने की कोशिश में लगे भारतीय नेताओं को इस व्यापक पूर्वानुमान के बारे में कठिन सवालों से जूझना पड़ा कि अगले चुनावों में खंडित जनादेश मिल सकता है।
 
उनके अनुसार, राजनीतिक परिदृश्य में आप के उदय ने लोकसभा चुनावों के नतीजों को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है। अब कारपोरेट जगत इस नयी राजनीतिक ताकत से बातचीत की संभावना टटोल रहे हैं।
 
 इस बड़े वैश्विक समागम में भारतीय मूल के एक प्रमुख ने कहा कि वह केजरीवाल के भाषणों से इतने प्रभावित हुए कि विदेश में बैठे बैठे ही उन्होंने ‘आप’ नेता को फोन कर अपने अगले दिल्ली दौरे में उनसे मिलने की इच्छा जता डाली। इस नई राजनीतिक हलचल से जुडऩे की गंभीर इच्छा जताते हुए इस उद्योगपति ने कहा कि वह ऐसा इसलिए नहीं कर सकते क्योंकि इससे हर पार्टी के लिए मुश्किल का कारण बने एक खास राजनीतिक दल से जुडऩे के बारे में अनावश्यक प्रचार होगा। 
 
औद्योगिक निकाय सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि देश की आर्थिक नीतियों के लिए राजनीतिक परिदृश्य हमेशा ही बहुत महत्वपूर्ण होता है इसलिए आम चुनाव निश्चित रूप से खास मुद्दा हैं।
 
उन्होंने कहा ‘‘जहां तक ‘आप’ का सवाल है तो अभी कोई भी नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी। हालांकि इस पार्टी के उदय ने सबके लिए स्थिति बदल दी है।’’
बनर्जी ने यह भी कहा कि सीआईआई आप के साथ उसी तरह बातचीत करना चाहता है जैसे उसने अन्य राजनीतिक दलों के साथ की थी।
 
उन्होंने माना कि ‘आप’ के उदय ने एक बात साफ कर दी है और वह बात प्रशासन तथा सरकार की जवाबदेही के बारे में है। बनर्जी ने कहा ‘‘यह बड़ा उलटफेर कर सकता है और सत्ता में जो भी आए, उसे प्रशासन पर खास ध्यान देते हुए सुनिश्चित करना होगा कि उनकी ओर से जवाबदेही हो।’’

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