ब्रिक्स का आकस्मिक विदेशी-मुद्रा कोष व्यवस्था चालू: जेतली

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Friday, October 07, 2016-6:26 PM

वाशिंगटन: वित्त मंत्री अरुण जेतली ने कहा कि ब्रिक्स आकस्मिक विदेशी-मुद्रा कोष व्यवस्था कन्टिनजेन्ट रिजर्व एरेंजमेंट (सीआरए) अब परिचालन में आ गई है। यह व्यवस्था ब्रिक्स के किसी सदस्य देश के समझ अल्पकालिक विदेशी-विनिमय संकट से निपटने के लिए आपस में सहयोग के लिए है। ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत और दक्षिण अफ्रीका) ने 2015 में सीआरए का गठन किया था। यह वास्तविक और संभावित अल्पकालीन विदेशी विनिमय असंतुलन संतुलन के दबाव से निपटने के लिए नकदी या अन्य एहतियाती साधनों के जरिए सहयोग का समझौता है। 

एक विज्ञप्ति के अनुसार ब्रिक्स के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए जेतली ने घोषणा की कि सीआरए अब परिचालन में आ गया है और समूह के सदस्य देश सौदे को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जेतली और अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के वित्त मंत्री यहां अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्वबैंक की सालानला बैठक में भाग लेने के लिए यहां आए हुए हैं।

ब्रिक्स देशों के मंत्रियों ने कल की बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के केंद्रीय बैंकों की शोध इकाइयों के बीच नैटवर्क के औपचारिक गठन के प्रस्ताव का स्वागत किया। यह नैटवर्क सीआरए के कामकाज में सहायक होगा। जेतली ने ब्रिक्स के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैैंक के गवर्नरों की इस महीने गोवा में होने वाली बैठक के लिए न्यौता दिया। उन्होंने राष्ट्रमंडल वित्त मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की। ‘कॉमनवेल्थ कान्वर्सेशन एराउंड द पनाम पेपर्स’ के दौरान दो महत्वपूर्ण मुद्दों जलवायु परिवर्तन का अर्थशास्त्र तथा जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीमति करने के मुद्दों तथा अंतर्राष्ट्रीय कराधान पर चर्चा हुई। जेतली की मौजूदगी में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और बैंक आफ बड़ौदा ने ‘कॉमनवेल्थ स्माल स्टेट्स ट्रेड फाइनेंस फैसिलिटी’ को लेकर सहमति पत्र (एमआेयू) पर दस्तखत किए।


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