GST से जनता पर कम होगा टैक्स का बोझ: जेतली

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Saturday, May 20, 2017-4:28 PM

श्रीनगरः जी.एस.टी. काऊंसिल ने शुक्रवार को सेवाओं पर भी टैक्स की दरों को तय कर दिया। सबसे ज्यादा सेवाओं पर 18 फीसदी जी.एस.टी. लगाने का फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री अरुण जेतली ने कहा कि इससे आम आदमी पर कोई बोझ नहीं बढ़ेगा। जी.एस.टी. काऊंसिल के चेयरमैन जेतली ने कहा, 'सेवाओं पर जी.एस.टी. लगने से टैक्स कलैक्शन बढ़ेगा लेकिन महंगाई पर इसका कोई असर नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि नागरिकों पर इसका बोझ बढ़ने की बजाय कम होगा।

जेतली ने कहा कि काऊंसिल का अजेंडा लगभग पूरा हो चुका है, गुड्स और सर्विसेज की दरें तय हो चुकी हैं। अब उम्मीद है कि 1 जुलाई से जी.एस.टी. को लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, 'जी.एस.टी. लागू करने से जुड़ा ज्यादातर काम हो चुका है। कुछ ही चीजें तय करना बाकी है।' जी.एस.टी. की अगली मीटिंग 3 जून को होगी। इस बैठक में ही सोने पर जी.एस.टी. की दरों को तय किया जा सकता है। गुड्स पर जी.एस.टी. काऊंसिल ने 5%, 12%, 18% और 28% का रेट तय किया है। 

वहीं, सेवाओं की बात की जाए तो सिर्फ 5 सेवाओं, फाइव स्टार होटल, मूवी टिकट, रेसिंग, बेटिंग और कैसिनो, पर 28 फीसदी का टैक्स लगाने का फैसला हुआ है। एजुकेशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर पहले की तरह ही टैक्स छूट जारी रहेगी। ज्यादातर सेवाओं 18 फीसदी टैक्स के दायरे में आएंगी। इनमें बैंकिंग ऐंड इंश्योरेंस, टैलीकॉम, आईटी, स्पैक्ट्रम नीलामी जैसी सरकारी सेवाएं, शराब परोसने वाले या एसीयुक्त रेस्तरां शामिल हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों पर सोर्स पर कलैक्शन पर 1 फीसदी टैक्स देना होगा। 

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