ऐसा करने से शनि का कोप शांत होता है...

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Saturday, December 21, 2013-12:55 PM
सूर्य पुत्र शनि देव का नाम सुनकर लोग सहम से जाते हैं। शनि की टेढ़ी चाल से किसे डर नहीं लगता, उनके क्रोध से देवता भी थर-थर कांपते हैं, कहते हैं शनि की कृपा राजा को रंक और रंक को राजा बना सकती है। लेकिन शनि देव इंसान के कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। शनिदेव का व्रत एवं पूजन करने से वह प्रसन्न हो जाते हैं। शनि देव की प्रसन्नता के बाद व्यक्ति को परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है और शनि की दशा के समय उनके भक्तों को कष्ट की अनुभूति नहीं होती है।

* शनिवार के दिन शनि देव को नीले लाजवंती का फूल, तिल, तेल, गु़ड़ अर्पण करें।

* पीपल में जल दें और पीपल की जड़ पर तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

* शनि मन्त्र ॐ शनैश्वराय नम का जाप करें।

* काली चींटियों को गु़ड़ एवं आटा खिलाएं।

* किसी कुत्ते को तेल चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं। कुत्ता शनिदेव का वाहन है और जो लोग कुत्ते को खाना खिलाते हैं उनसे शनि अति प्रसन्न होते हैं।

* तिल और उड़द से बने पकवान शनिदेव को भोग लगाएं। शनिवार को साबुत उडद किसी भिखारी को दान करें या कौए को खिलाएं।

* काले रंग का वस्त्र धारण करें।

* शनिवार के दिन शनि भगवान का व्रत रखें। शनि चालीसा का पाठ, शनि मंत्रों का जाप एवं हनुमान चालीसा का पाठ करें।

* शनि की शांति के लिए नीलम भी पहन सकते हैं। काले घोड़े की नाल का छल्ला मध्यमा अंगुली में धारण करें।

* शनिवार को शनि ग्रह की वस्तुओं का दान करें, शनि ग्रह की वस्तुएं हैं –काला उड़द,चमड़े का जूता, नमक, सरसों तेल, तेल, नीलम, काले तिल, लोहे से बनी वस्तुएं, काला कपड़ा आदि।

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