वास्तुनुकलता यश और धन दोनों दिलाने में सहायक होती है

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Thursday, January 23, 2014-10:03 AM

वास्तु के प्राचीन ग्रंथों के अनुसार जब भाग्य अच्छा हो तो वास्तु खराब हो, तब भी व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करता है, पर यह सफलता काफी मेहनत व कठिनाईयों के उपरांत मिलती है। भाग्य अच्छा हो और वास्तु भी अच्छा हो तो तब व्यक्ति जीवन में खूब सफलताएं हासिल करता है और यह सफलताएं बिना किसी मेहनत व परेशानी के प्राप्त हो जाती हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति को यश और धन पाने के लिए चाहे वह नेता, अभिनेता, व्यापारी या प्रौफेशनल हो उसके घर एवं कार्य स्थल की उत्तर दिशा, ईशान कोण एवं पूर्व दिशा में वास्तुनुकलता होना अत्यंत अवश्यक है। उत्तर दिशा की वास्तुनुकलता धन दिलाने में और ईशान कोण की वास्तुनुकलता यश और धन दोनों दिलाने में सहायक होती है।

यदि उपरोक्त दिशाओं में वास्तु दोष है ते निश्चित ही वहां रहने वालों को अपयश मिलता है एवं धन की कमी हमेशा बनी रहती है। इन दिशाओं की वास्तुनुकलता के लिए यह जरूरी है की भवन की यह दिशाएं किसी भी प्रकार दबी कटी घटी नहीं होनी चाहिए। इन्हीं दिशाओं में भुमिगत पानी का स्रोत या किसी भी प्रकार का गड्डा फर्श की ढाल हो तो वह यश और धन दिलाने में बूस्टर की तरह कार्य करता है। इसके विपरित इन दिशाओं का किसी भी प्रकार से ऊंचा होना अपयश और धन हानि का कारण बनता है।

 


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